Home

छपरा कोचिंग डिपो में संस्थापित हुआ ऑटोमेटिक कोच वॉशिंग प्लांट

ऑटोमेटिक मशीन, 7-8 मिनट में धुलकर साफ कर देंगी 24 कोच की पूरी ट्रेन को

वाराणसी(यूपी)पूर्वोत्तर रेलवे ,वाराणसी मंडल के छपरा कोचिंग डिपो में ऑटोमेटिक कोच वॉशिंग प्लांट Automatic Coach Washing Plant की कमिशनिंग दिनांक 20.08.2023 को किया गया है। इस प्लांट की वाशिंग की क्षमता 70 से 80 यान प्रति घंटा एवं 300-350 यान प्रति दिन है। इस प्लांट के द्वारा पूरे रेक (24 कोच)की धुलाई 7 से 8 मिनट में की जा सकती है। यह एक कोच की धुलाई में केवल 300 लीटर पानी का उपयोग करता हैजबकि पारंपरिक धुलाई कि व्यवस्था से लगभग हैलीटर प्रति कोच पानी कि खपत होती 1500। इससे प्रति कोच लगभग 1200 लीटर पानी की बचत होती है।

प्लांट द्वारा धुलाई हेतु उपयोग किया जाने वाला केमिकल पर्यावरण अनुकूल है।यह सुविधा अपशिष्ट उपचार संयंत्र और जल मृदुकरण संयंत्र से सुसज्जित है जो पानी का पुन उपयोग और पुनर्चक्रण करने में मदद करता है।यह केवल 20% Fresh Water का इस्तेमाल करता है शेष 80% पानी Dirty Water को Recycle करके उपयोग करता है। कम पानी के उपयोग और पुनर्नवीनीकरण के साथ, एक ACWP कोच धोने के पारंपरिक तरीकों की तुलना में 96% कम पानी की खपत करता है। इस प्रकार यह अत्यधिक भूजल दोहन को कम करने में भी मदद करता है। यह कोच के पुरे बाहरी हिस्से को साफ करने के लिए वर्टिकल और होरिजेंटल घुमने वाले नायलोन एवं कपास युक्त ब्रश के साथ उच्च दबाव वाले साबुन घोल और पानी के जेट का उपयोग करता है जो उच्च गुणवत्तापूर्ण सफाई के साथ पानी की बचत भी सुनिश्चित करते है साथ ही सफाई में लगने वाले समय की बचत और मानव श्रम की बहुत कम कर देता है ।

भारतीय रेलवे ने ट्रेनों के डिब्बों की सफाई के लिए अत्याधुनिक तरीका विकसित कर लिया है। पूर्वोत्तर रेलवे ने ऑटोमेटिक कोच वॉशिंग प्लांट से ट्रेनों के कोचों को साफ करने की शुरुआत कर दी गई है। इससे घंटों लगने वाले समय की बचत होगी और बड़ी मात्रा में पानी की बर्बादी पर भी रोक लग सकेगी, साथ ही इस नई व्यवस्था से रेलवे कोच चमकते नजर आएंगे रोचक बात है कि इस मशीन से पूरी की पूरी ट्रेन यानी 24 बोगियां 7 से 8 मिनट साफ हो जाएंगी।मंडल रेल प्रबंधक विनीत कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक वाराणसी मंडल के बनारस कोचिंग डिपो पर इस ऑटोमेटिक कीच वॉशिंग प्लांट की शुरुआत की गई थी जिसके बाद क्रमशःऔडिहार और छपरा में इसकी स्थापना की गयी है।ऑटोमेटिक कोच वॉशिंग प्लांट के साथ 30 हजार लीटर क्षमता वाले इफलयुइंड ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) भी लगाया गया है।यह ट्रीटमेंट प्लांट सफाई के बाद बर्बाद होने वाले पानी को रिसाइकिल करेगा, जिससे पानी को दोबारा उपयोग में लाया जा सकेगा।उन्होंने बताया की पारंपरिक तरीके की वॉशिंग से ट्रेनों की साफ-सफाई में अधिक वक्त लगता है और पानी की खपत भी बहुत अधिक होती है।इसके बावजूद ट्रेन के डिब्बों की सफाई हाईजेनिक ढंग से नहीं हो पाती है।लेकिन अब समय और पानी दोनों की बचत होगी।ऐसे में ऑटोमेटिक कोच वॉशिंग प्लांट से ट्रेन के सभी कोच बेहतर तरीके से साफ हो सकेंगे,साथ ही पूरे ट्रेन की एक जैसी सफाई होगी, नए तरीके से बर्बाद होने वाले पानी को भी संरक्षित किया जा सकेगा।यानी सफाई में लगने वाले पानी के 80 फीसदी मात्रा को रिसाइकिल करके दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सकेगा।

Mani Brothers

Leave a Comment

Recent Posts

मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का एक सशक्त माध्यम: जयमित्रा देवी

छपरा के प्रेक्षा गृह में एक दिवसीय मत्स्य प्रत्यक्षण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न छपरा:जिले में…

1 week ago

सहाजितपुर में एक युवक की चाकू से गोदकर हत्या, पुलिस ने परिजन के बिना अनुमति का कराया पोस्टमार्टम

सारण(बिहार) जिले के सहाजितपुर थाना क्षेत्र में एक युवक की चाकू गोदकर हत्या कर दी…

3 weeks ago

युवा वर्ग हम साथ समय के चलकर स्वयं दिखाएंगे, हम संस्कृति के लिए विवेकानंद स्वयं बन जाएंगे: प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ सारण

छपरा:मंडल कारा में निरुद्ध युवाओं को आत्मचिंतन, आत्मबल, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक जीवन दृष्टि से…

4 weeks ago

लियो क्लब छपरा सारण का म्यूजिकल इवेंट मधुर झंकार का हुआ आयोजन

छपरा:आज लायंस इंटरनेशनल की स्थानीय युवा इकाई लियो क्लब छपरा सारण के द्वारा शहर के…

1 month ago

न्यू साउथ वेल्स के पूर्व मेयर व वर्तमान काउंसलर समीर पांडेय का भरहोपुर ननिहाल में पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत

एकमा(सारण)ऑस्ट्रेलिया के पररामट्टा शहर के पूर्व मेयर एवं वर्तमान काउंसलर (पार्षद) समीर पाण्डेय का एकमा…

1 month ago