गर्भवती महिलाओं को दी गयी सही पोषण व बेहतर स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी
अररिया(बिहार)जिले में सभी आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से सोमवार को गोदभराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस क्रम में आंगनबाड़ी सेविकाओं ने अपने पोषक क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं के घर पहुंच कर उन्हें गर्भावस्था के दौरान उचित पोषण,नियमित चिकित्सकीय जांच,सुरक्षित प्रसव सहित परिवार नियोजन से जुड़े विभिन्न स्थायी व अस्थायी उपायों के प्रति जागरूक किया।मालूम हो कि हर महीने की सात तारीख को आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के लिये गोदभराई कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।इस दौरान उन्हें गर्भावस्था के दौरान जरूरी सावधानियां व पोषण संबंधी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
गर्भवती महिलाओं को अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र के संपर्क में लगातार रहना चाहिये:
इसी क्रम में अररिया प्रखंड के मदनपुर मठ टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 182 व मदनपुर बाजार के केंद्र संख्या 195 पर आयोजित कार्यक्रम का निरीक्षण सीडीपीओ तनूजा साह द्वारा किया गया। इस क्रम में उपस्थित पोषक क्षेत्र की महिलाओं को उन्होंने बताया कि गर्भधारण की पुष्टि होने के उपरांत गर्भवती महिलाओं को अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र के संपर्क में लगातार रहना चाहिये।साथ ही प्रसव पूर्व सभी जरूरी जांच नियमित अंतराल के बाद कराते रहना चाहिये। उन्होंने गर्भधारण अवधि से लेकर सुरक्षित प्रसव तक बरते जाने वाली तमाम सावधानियों की जानकारी उपस्थित महिलाओं को दी ।उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान भोजन में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट व वसा की निर्धारित मात्रा आहार के रूप में लेना चाहिये।इसके लिये उन्होंने हरे पत्तेदार सब्जी, दूध, ताजे फल का सेवन नियमित रूप से करने के लिये गर्भवती महिलाओं को प्रेरित किया।
होने वाले शिशु के बेहतर स्वास्थ्य की दी गई जानकारी :
कार्यक्रम के दौरान पिरामल स्वास्थ्य की बीटीएम रेणु कुमारी ने कहा कि प्रारंभिक अवस्था में उचित पोषण नहीं मिलने से बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास अवरुद्ध हो सकता है।इसलिए नवजात को छह माह तक की उम्र तक स्तनपान कराना जरूरी है।छह माह के बाद बच्चे के लिये ऊपरी आहार का सेवन जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि छ्ह माह तक के बच्चे को केवल स्तनपान कराने से दस्त व निमोनिया से बचाया जा सकता है। कार्यक्रम में केयर के बीएम नीतीश कुमार ने कहा कि नौ से 24 माह के बच्चों को स्तनपान के साथ तीन बार अर्ध ठोस पौष्टिक आहार देना जरूरी होता है।उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए आहार की विविधता का ध्यान रखना जरूरी है।इस दौरान सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, मातृ शिशु सुरक्षा कार्ड, प्रसव पूर्व देखभाल, एनीमिया की रोकथाम व पौष्टिक आहार सहित अन्य जानकारी गर्भवती महिलाओं को दी गयी।मौके पर सेविका कल्पना देवी, एएनएम पूनम कुमारी, आशा कर्मी वनिता देवी सहित अन्य मौजूद थी।
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