छपरा:सोमवार को सारण जिला प्रशासन ने तीन शिशुओं को दत्तकग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर उनके नए माता-पिता को सौंपा। जिलाधिकारी अमन समीर ने अपने कार्यालय में यह प्रक्रिया पूरी की। बच्चों को गोद लेने वाले दंपत्ति देश के अलग-अलग राज्यों से आए थे। उन्होंने कारा के वेब पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया था। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जिलाधिकारी ने फाइनल एडॉप्शन की प्रक्रिया संपन्न कराई।
बच्चों को गोद लेने के बाद दंपत्तियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने भावुक होकर जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया। यह प्रक्रिया समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान, सारण के माध्यम से पूरी की गई। संस्थान में देखरेख और सुरक्षा के साथ बच्चों का पालन-पोषण किया जाता है।
इस मौके पर सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल संरक्षण पदाधिकारी और समन्वयक मौजूद रहे।
बच्चा गोद लेने के लिए दंपत्ति की शारीरिक और मानसिक स्थिति सुदृढ़ होनी चाहिए। कम से कम दो साल का स्थिर वैवाहिक जीवन जरूरी है। दोनों की आपसी सहमति भी आवश्यक है। अलग-अलग उम्र के दंपत्तियों के लिए अलग उम्र के बच्चों की पात्रता तय है। इसके लिए केंद्रीय दत्तकग्रहण संसाधन प्राधिकरण की वेबसाइट carings.wcd.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करना होता है। जांच के बाद पात्र दंपत्तियों को बच्चा गोद दिया जाता है।
एकल पुरुष केवल लड़का गोद ले सकते हैं। एकल महिला लड़का और लड़की दोनों को गोद ले सकती हैं। दो संतान वाले दंपत्ति सामान्य बालक को गोद नहीं ले सकते। वे केवल विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को ही गोद ले सकते हैं। देश में किसी अन्य माध्यम से बच्चा गोद लेना और देना कानूनन अपराध है।
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