मातृ दिवस
हम होली – दिवाली मनाने वाले, ईद में सेंवइयां खाने वाले, बड़े दिन पर चर्च को जाने वाले, गुरुद्वारे में लंगर खाने वाले, झंडा फहराने वाले, मातृ और पितृ दिवस नहीं मनाने वाले पर उनकी हर आज्ञा अपनाने वाले, भावों से हमने हर रिश्ते को जोड़ा है। परिस्थिति के अनुसार सदैव स्वयं को मोड़ा है। दिवस कुछ सुने – अनसुने से है, सबकी आंखों में हर दिवस के कुछ सपने बुने से है, प्रत्येक दिवस की छटा कुछ स्मरणीय है। विशेष होने पर प्रत्येक दिवस अभिनंदनीय है, कर्म करो ऐसा की दिवस अनुकरणीय बन जाए। आपके विस को मनाने जनमानस एक नया दिवस मनाए..!
स्वरचित:
रश्मि दुबे (शिक्षिका)
प्रेमनगर, जिला बरेली
उत्तर प्रदेश
भगवानपुर हाट (सीवान )जिले के भगवानपुर हाट प्रखंड के नया प्राथमिक विद्यालय खैरवा मुशहर टोला…
छपरा(सारण)लोकनायक जय प्रकाश नारायण के नाम पर स्थापित जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा की अभिभूत इकाई…
सिवान(बिहार) आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार हेतु…
• सबसे अधिक महिला बंध्याकरण के लिए डॉ. मेहा कुमारी को मिला आवार्ड • चिकित्सा…
लेखक:इरशाद खान नई दिल्ली, 20 फरवरी 2026 — भारत सरकार द्वारा आयोजित India AI Impact…
छपरा:शहर स्थित ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति की संचालिका डॉ. अंजू सिंह के द्वारा विगत…
Leave a Comment