बेतिया(पश्चिम चंपारण)जिला के आयुष चिकित्सक अपनी विभन्न मांगों के समर्थन में मंगलवार से काली पट्टी लगाकर सरकार के विरुद्ध आक्रोश प्रदर्शित करते हुए लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस आशय की जानकारी देते हुए गिद्धा एपीएचसी के आयुष चिकित्सक डॉ. अखिलेश कुमार पंडित ने बताया कि राज्य स्तरीय आयुष चिकित्सक संघ के आह्वान पर सभी मेन स्ट्रीम व आरबीएसके वाले चिकित्सक 18 से 23 अगस्त तक काली पट्टी के साथ अपना विरोध करते हुए अपने ड्यूटी पर लगे हुए है।
यदि इस अवधि में हमारी मांगों को लेकर सरकार संवेदनशील नहीं होती है तो 25 अगस्त से आयुष चिकित्सक हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने बताया कि हमारी 15 सूत्री मांगे हैं, जिसमें अपनी सेवा के समायोजन, एमबीबीएस चिकित्सक के समान वेतन, सेवाकाल में मृत्यु होने पर आश्रितों को स्थायी नौकरी, नई नियुक्ति में अनुभव के आधार पर वेटेज, प्रोत्साहन राशि का भुगतान, वेतन विसंगति को दूर करना आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के आयुष चिकित्सक इस कोरोना काल में कम वेतन व सुविधा के बावजूद स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन भविष्य की चिंता सता रही है। एक एमबीबीएस चिकित्सक को करीब 65 हजार वेतन मिलता है, लेकिन आयुष चिकित्सक इससे काफी कम मानदेय पर काम करने पर मजबूर है। साथ ही दिए जा रहे वेतन में भी विसंगतियां हैं, इसको दूर करने के प्रति कार्रवाई नहीं कर रही है।साथ ही कहा कि इस प्रकार से सरकार के दोहरी नीति से आयुष चिकित्सकों के साथ अपनाना बंद करें।उन्होंने बताया कि 10 वर्ष से लगातार सेवा देने के बाद भी स्थायित्व की चिंता बनी हुई है। उन्होंने बे बताया कि आने वाले नियुक्तियों में अनुभव के आधार पर वेटेज भी मिलना चाहिए।उन्होंने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि दुनिया की इकलौती सरकार है जो वेतन वृद्धि के बाद उसे वापस ले लिया है।
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