पटना(बिहार)प्रेमचंद रंगशाला ,पटना में नाट्य संस्था नया रंग , मुजफ्फरपुर के द्वारा डॉ. तुलसी राम के जीवन पर आधारित व उनके जीवन के बायोपिक के ऊपर नाटक ‘मुर्दहिया’ का मंचन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से किया गया ,जिसका निर्देशन किया था राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली के स्नातक हरिशंकर रवि ने ।
कथासार
‘मुर्दहिया’ हमारे गाँव धरमपुर( आजमगढ़) की बहुउद्देश्यीय कर्मस्थली थी।चरवाही से लेकर हरवाही तक के सारे रास्ते वहीं से गुजरते थे। इतना ही नहीं, स्कूल हो या दुकान, बाजार हो या मंदिर, यहाँ तक कि मजदूरी के लिए कलकत्ता वाली रेलगाड़ी पकड़नी हो, तो भी मुर्दहिया से ही गुजरना पड़ता था। हमारे गाँव की’ जिओ-पालिटिक्स’ यानी ‘भू-राजनीति’ में दलितों के लिए मुर्दहिया एक सामरिक केंद्र जैसी थी।
जीवन से लेकर मरन तक की सारी गतिविधियाँ मुर्दहिया समेत लेती थी। सबसे रोचक तथ्य यह है कि मुर्दहिया मानव और पशु में कोई फर्क नहीं करती थी । वह दोनों की मुक्तिदाता थी।बिशेष रूप से मरे हुए पशुओं के मांसपिंड को एक जूझते सैकड़ो गिद्धों के साथ कुत्ते और सियार मुर्दहिया को एक कला-स्थली के रूप में बदल देते थे।रात के समय इन्हीं सियारों की ‘ ‘हुआ-हुआ’ वाली आवाज़ उसकी निर्जनता को भंग कर देती थी।मुर्दहिया सही मायनों में हमारी दलित बस्ती की जिंदगी थी ।
छपरा:मंडल कारा में निरुद्ध युवाओं को आत्मचिंतन, आत्मबल, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक जीवन दृष्टि से…
एसएसपी पहुंच की घटना की जांच बिहार:सारण अज्ञात चोरों ने पुलिस प्रशासन को चुनौती देते…
छपरा:आज लायंस इंटरनेशनल की स्थानीय युवा इकाई लियो क्लब छपरा सारण के द्वारा शहर के…
एकमा(सारण)ऑस्ट्रेलिया के पररामट्टा शहर के पूर्व मेयर एवं वर्तमान काउंसलर (पार्षद) समीर पाण्डेय का एकमा…
छपरा(बिहार)पंजाब के फगवाड़ा में आयोजित (बालक एवं बालिका वर्ग) 29वीं जूनियर नेशनल सेपक टकरा चैंपियनशिप…
छपरा(बिहार)जहां आज के दौर में अधिकांश छात्र- छात्राएं पढ़ाई को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित…
Leave a Comment