torwartprofi zweiradhelm vitalwerte sonnensparo schutzschritt echtwork buerogaming gasgrillprofi damenrucksack मानव से महामानव बनने की प्रेरणा देता है, नेताजी का जीवन : प्रो. टंकेश्वर कुमार - गौरी किरण
Homeदेशविश्वविद्यालयहरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय

मानव से महामानव बनने की प्रेरणा देता है, नेताजी का जीवन : प्रो. टंकेश्वर कुमार

नेताजी की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित

हरियाणा(महेंद्रगढ़)23 जनवरी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती, जिसे हमारा देश पराक्रम दिवस के रूप में मना रहा है, के उपलक्ष्य में भारतीय शिक्षण मंडल और हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के तत्वाधान में राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया।

जिसमें भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख एवं पालक अधिकारी श्री पंकज नाफड़े मुख्य वक्ता के रूप उपस्थित रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने की।

उन्होंने ने वेबिनार को सम्बोधित करते हए कहा कि देश को सही दिशा में ले जाने में युवाओं की भूमिका बहुत अहम है। युवा पीढ़ी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए। नेताजी सुभाष बोस का जीवन, मानव से महामानव बनने की प्रेरणा देता है।

वेबिनार के आरंभ में कार्यक्रम की रूपरेखा कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अनूप यादव  रखी और उन्होंने बताया कि कैसे भारतीय शिक्षण मंडल, भारतीय शिक्षा व्यवस्था को जन सामान्य के लिए कैसे उपयोगी बनाया जा सकता है? भारतीय शिक्षण मंडल का उसमें क्या कार्य है और उसकी क्या जिम्मेदारियां हैं? उसके बारे में विस्तृत चर्चा की। डॉ. प्रदीप कुमार ने वेबिनार के मुख्य वक्ता पंकज नाफड़े  और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार का परिचय प्रस्तुत किया।

मुख्य वक्ता श्री पंकज नाफड़े ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि देश की आजादी में बहुत से लोगों का योगदान है। देश के लिए जीने के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले युवाओं की आवश्यकता है, जो देश के लिए जी सकें। नेताजी की लोकप्रियता स्वतंत्रता आंदोलन के समय अधिक थी, जिससे उस समय के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें दूर करने के लिए षड्यंत्रकारी उपाय अपनाये। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन भारतीय शिक्षण मंडल,  महेंद्रगढ़ के उपाध्यक्ष डॉ.अजय पाल ने किया और समापन श्री सुनील अग्रवाल ने कल्याण मंत्र के साथ किया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की प्रो. सुनीता श्रीवास्तव,  शिक्षक और विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।