नेटवर्क सदस्यों की ओर से स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों को दवा खाने के लिए किया जा रहा है प्रेरित:
फाइलेरिया बढ़ने से रोकने को दवा सेवन एवं विशेष रूप से सफाई एकमात्र उपाय:
पूर्णिया(बिहार)जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आगामी 10 अगस्त से सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान का आयोजन जायेगा। इस अभियान के प्रति जनजागरूकता के लिए नेटवर्क सदस्यों की भूमिका अहम है। सिविल सर्जन डॉ.अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि जिलाधिकारी कुंदन कुमार के मार्गदर्शन में फाइलेरिया को जड़ से मिटाने में शतप्रतिशत सफ़लता हासिल करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है। फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी,कर्मियों एवं जागरूकता कार्यक्रम में नेटवर्क सदस्यों ने पूरी तन्मयता से नाइट ब्लड सर्वे के दौरान अपनी भूमिका निभाई है। इसी क्रम में जिले के कसबा,के नगर एवं पूर्णिया पूर्व प्रखंड में पेशेंट नेटवर्क ग्रुप के सदस्यों के द्वारा जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
नेटवर्क सदस्यों द्वारा ग्रामीणों को दवा खाने के लिए किया जा रहा है प्रेरित:
सिविल सर्जन डॉ. अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि भारत सरकार एवं बिहार सरकार लिम्फेटिक फाइलेरिया (हाथीपांव) के उन्मूलन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। क्योंकि हाथीपांव एवं हाइड्रोसील फाइलेरिया के संक्रमण से होने वाले दुष्प्रभाव हैं। इस तरह के व्यक्तियों को भी साल में एक बार ही भारत सरकार के गाइडलाइन के आधार पर फाइलेरिया रोधी दवाओं अल्बेंडाजोल, डीईसी और आइवर मैकटिन या अल्बेंडाजोल और डीईसी का सेवन करना पर्याप्त है। आगामी 10 अगस्त से एमडीए अभियान शुरू होगा। इसको लेकर आशा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कसबा, के नगर एवं पूर्णिया पूर्व प्रखंड के नेटवर्क सदस्यों द्वारा ग्रामीणों को जागरूक कर दवा खाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिसमें नेटवर्क सदस्यों के द्वारा विद्यालयों व आंगनबाड़ी केन्द्रों में गोदभराई, अन्नप्राशन दिवस,किशोरी दिवस, माता बैठक एवं ग्रामीण स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें लोगों से सर्वजन दवा वितरण कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की जा रही है। इसी क्रम में नेटवर्क मेंबर के सहयोग से फाइलेरियारोधी स्लोगन के साथ दिवाल लेखन तथा जागरूकता रैली का आयोजन किया जा रहा है।
फाइलेरिया को बढ़ने में रोकने को दवा सेवन एवं सफाई एकमात्र उपाय:
डीएमओ राजेन्द्र प्रसाद मंडल ने बताया कि फाइलेरिया बीमारी से ग्रसित लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जब भी मौसम में बदलाव होता है तोउस दौरान उनकी परेशानी काफ़ी बढ़ जाती। यदि, उन्हें शुरुआती दौर में ही फाइलेरिया की जानकारी होती तो शायद आज उन्हें इन परेशानियों से जूझना नहीं पड़ता। एक बार जब फाइलेरिया बीमारी के कारण हाथी पांव या हाइड्रोसील में सूजन हो जाती, तब उसका कोई मुकम्मल इलाज नहीं है। लेकिन हां, नियमित दवाओं के सेवन और साफ सफाई मात्र से इस बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है। उन्होंने लाभुकों से अपील करते हुए कहा कि आप सभी को फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन अनिवार्य रूप से करना चाहिए। ताकि माइक्रो फाइलेरिया के परिजीवी होने से उनको नष्ट किया जा सकता है।
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