आशाओं को मिली जागरूक करने की ज़िम्मेदारी
सभी प्रखंडों के आशा कार्यकर्ताओं को किया गया प्रशिक्षित
परिवार नियोजन साधनों पर भी दी गयी जानकारी
नवीन गर्भ-निरोधक इस्तेमाल पर ज़ोर
पूर्णियाँ(बिहार)प्रवासी लाभार्थियों को परिवार नियोजन पर जागरूक करने की मुहिम तेज कर दी गयी है. होली के दौरान बाहर से बहुत संख्या में प्रवासी लोग अपने घर आते हैं. इसलिए इसको लेकर जिले के सभी प्रखंडो में परिवार नियोजन को लेकर आशा कार्यकर्ताओं को बैच बनाकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण में आशाओं को होली के दौरान बाहर से घर लौट कर आने वाले लोगों के परिवार से मिलकर परिवार नियोजन के विभिन्न विकल्पों की जानकारी देने की बात बताई जा रही है.
आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया है प्रशिक्षण :
जिला कार्यक्रम प्रबंधक ब्रजेश कुमार सिंह ने कहा कि होली के दौरान बड़ी संख्या में बाहर रहने वाले कामगार घर लौटते हैं. इस समय परिवार नियोजन की जरूरत के बारे में पति पत्नी दोनों को बताया जाना जरूरी है. इसलिए इस दिशा में आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है ताकि अधिक से अधिक दंपत्तियों को परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों के विषय में लोगों को जागरूक किया जा सके.
गर्भ-निरोधक उपायों की दी गयी जानकारी : केयर डिटीएल आलोक पटनायक ने बताया प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों के बारे में जानकारी दी गयी. स्थायी साधनों में पुरूष एवं महिला नसबंदी के बारे में भी उन्हें जानकारी दी गयी. बच्चों में अंतराल एवं अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कॉपर टी, गर्भ-निरोधक गोली(माला-एम एवं माला-एन), कंडोम एवं इमरजेंसी कंट्रासेपटीव पिल्स के बारे में भी विस्तार से बताया गया.
नवीन गर्भ-निरोधक के इस्तेमाल पर ज़ोर :
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए नवीन गर्भनिरोधक ‘अंतरा एवं ‘छाया’ की जानकारी भी दी गयी। ‘अंतरा’ गर्भ निरोधक इंजेक्शन का इस्तेमाल एक या दो बच्चों के बाद गर्भ में अंतर रखने के लिए दिया जाता है। साल में इंजेक्शन का चार डोज दिया जाता है। वहीं ‘छाया’ एक गर्भ निरोधक साप्ताहिक टेबलेट है। इसे सप्ताह में एक बार सेवन करना है। साथ ही जब तक गर्भधारण नहीं करना हो तब तक इसका सेवन किया जा सकता है। साथ ही सरकार द्वारा अंतरा इंजेक्शन लगवाने पर प्रति डोज या सूई लाभार्थी को 100 रूपये एवं उत्प्रेरक को भी 100 रूपये दिए जाने का प्रावधान है.
गृह भ्रमण कर आशाएं करेंगी जागरूक:
जलालगढ़ बीएचएम उस्मान गनी ने बताया आशा एवं आशा फैसिलिटेटर द्वारा लक्षित प्रवासी परिवारों में गृह भ्रमण के दौरान परामर्श दिया जाएगा. इस समय दी गई परामर्श सामग्री का उपयोग करते हुए दंपतियों को परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों की जानकारी दी जाएगी. दंपतियों से बात कर उपयुक्त समय में गर्भधारण और बच्चों के बीच सही अंतराल के साथ स्वास्थ्य जीवन जीने हेतु आशाओं द्वारा परामर्श दिया जाएगा.
बच्चों में अंतराल के लाभ :-
महिला अपने पहले बच्चे की देखभाल अच्छे से कर पाएगी.
दोनों बच्चे को पूरा दूध पिलाने का समय मिलेगा.
माँ और बच्चा दोनों स्वास्थ्य रहेंगे.
महिला अपने स्वास्थ्य पर ध्यान रख पाएंगी.
बच्चों के कुपोषित अथवा बार-बार रोग ग्रस्त होने की संभावना नहीं होगी.
माँ – बच्चा स्वास्थ्य होगा तो परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं बढ़ेगा.
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