मुंबई:बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक फर्टिलिटी सेंटर को आदेश दिया है कि वह एक मृत युवक का फ्रीज किया हुआ स्पर्म तब तक सुरक्षित रखे, जब तक उसकी मां की याचिका पर फैसला नहीं हो जाता। युवक की मां ने कोर्ट में याचिका दायर कर स्पर्म सैंपल मांगा है।
महिला के बेटे की मौत 16 फरवरी को कैंसर से हो गई थी। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने कीमोथेरेपी से नपुंसकता की आशंका जताई थी। इसी कारण बेटे ने वीर्य फ्रीज करवाया था। उसने एक फॉर्म में यह विकल्प चुना था कि मौत के बाद उसका स्पर्म नष्ट कर दिया जाए। यह फैसला उसने परिवार से बिना सलाह लिए लिया था।
मौत के बाद जब मां ने फर्टिलिटी सेंटर से स्पर्म मांगा, तो सेंटर ने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद महिला ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
जस्टिस मनीष पिताले ने कहा कि अगर सुनवाई से पहले स्पर्म खराब हो गया, तो याचिका का मकसद ही खत्म हो जाएगा। इसलिए फर्टिलिटी सेंटर को आदेश दिया गया कि वह स्पर्म को सुरक्षित रखे।
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