राजेंद्र कॉलेज का पूर्ववर्ती छात्र समागम में अपनी यादों को साझा कर हुए भावुक
छपरा(सारण)लोकनायक जय प्रकाश नारायण के नाम पर स्थापित जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा की अभिभूत इकाई और देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर स्थापित राजेंद्र कॉलेज, छपरा में पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम स्वर्णिम काल की स्मृतियों को संजोने, आपसी संवाद को सशक्त बनाने और महाविद्यालय के विकास में पूर्व छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। समारोह में अलग अलग दशकों के पूर्व छात्र एक मंच पर जुटे और अपने छात्र जीवन की यादों को साझा कर भावुक हो उठे।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उदय शंकर पाण्डेय ने स्वागत भाषण में कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की वास्तविक पहचान उसके पूर्ववर्ती छात्रों से होती है। क्योंकि राजेंद्र कॉलेज की गौरवशाली परंपरा और शैक्षणिक उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने में पूर्ववर्ती छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी पूर्व छात्रों से संस्थान के सर्वांगीण विकास में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सह सवर्ण आयोग के अध्यक्ष डॉ महाचंद्र प्रसाद सिंह ने अपने भावनात्मक संबोधन में महाविद्यालय को अपनी “जीवन की आधारशिला” बताया। उन्होंने कहा, “राजेंद्र कॉलेज मेरी स्मृतियों, मेरे संस्कारों और मेरे व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र रहा है। मैं इसे मंदिर मानता हूँ। यहां आने से पूर्व मैंने पूरे परिसर की परिक्रमा की, क्योंकि यह मेरे लिए आस्था और प्रेरणा का पवित्र स्थल है। अपने छात्र जीवन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इसी परिसर में उनके सपनों ने आकार लिया और जनसेवा की प्रेरणा मिली। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय भवन के जर्जर स्वरूप को देखकर उन्हें गहरी पीड़ा हुई, जिसके बाद उन्होंने पटना उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की। न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद 83 करोड़ रुपये की स्वीकृति सुनिश्चित हुई तथा बिहार सरकार की कैबिनेट से 63 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ, जिससे नए भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने इसे अपनी मातृसंस्था के प्रति कर्तव्य निर्वहन बताया। डॉ. सिंह ने आगे जय प्रकाश विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से विश्वविद्यालय को 267 एकड़ भूमि प्राप्त हुई, जिस पर आज व्यापक विस्तार कार्य चल रहा है और यह क्षेत्र एक बड़े शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कहा कि राजेंद्र कॉलेज ने समाज को अनेक प्रतिभाएं दी हैं, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने शिक्षा में गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों और युवा सशक्तिकरण पर बल देते हुए महाविद्यालय के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी और छात्र इस महाविद्यालय की आत्मा हैं और उनके साथ उनका संबंध परिवार जैसा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि महाविद्यालय परिवार की समस्याओं के समाधान तथा इसके सतत विकास के लिए वे आगे भी निरंतर प्रयासरत रहेंगे। कॉलेज की पत्रिका राका, डॉ. संजय कुमार की पुस्तक तथा डॉ. नीलांबरी गुप्ता लिखित पुस्तक का भी विमोचन किया गया। मंच संचालन डॉ. ऋचा मिश्रा, मंच व्यवस्था डॉ. ज्योति कुमारी और डॉ. बी एस साहू द्वारा किया गया। जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील प्रसाद के द्वारा किया गया।
वहीं समारोह को कई अन्य के द्वारा भी संबोधित किया गया।

