torwartprofi zweiradhelm vitalwerte sonnensparo schutzschritt echtwork buerogaming gasgrillprofi damenrucksack आतंकवाद फैलाने का हथियार बना सोशल मीडिया : विवेक अग्रवाल - गौरी किरण
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आतंकवाद फैलाने का हथियार बना सोशल मीडिया : विवेक अग्रवाल

माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के आयोजन ‘हिन्दी पत्रकारिता सप्ताह’ के अंतर्गत वरिष्ठ क्राइम रिपोर्टर विवेक अग्रवाल ने ‘वैश्विक आतंकवाद और मीडिया’ विषय पर रखे विचार,

4 जून को बीबीसी की पत्रकार सुश्री शेफाली चतुर्वेदी ‘बदलती दुनिया में रेडियो’ विषय पर करेंगी चर्चा


भोपाल(एमपी)प्रख्यात क्राइम रिपोर्टर विवेक अग्रवाल ने कहा कि भाषायी पत्रकारिता आतंकवाद के खात्मे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय द्वारा ‘वैश्विक आतंकवाद और मीडिया’ विषय पर आयोजित फेसबुक लाइव के दौरान अग्रवाल ने कहा कि आतंकवाद की समस्या विश्व के हर कोने में है। केवल धरती ही नहीं, अब आतंकवाद जल क्षेत्रों में भी समुद्री लुटेरों के रूप में पहुंच कर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। पूरे विश्व में उदार लोकतंत्र से लेकर कठोर साम्यवादी राष्ट्र जैसे चीन और रूस में भी आतंकवाद एक बड़ी समस्या है। खासतौर पर अमेरिका में हुई आतंकवादी हमले की घटना के बाद विश्व में आतंकवाद को गंभीर समस्या के रूप में स्वीकार कर लिया गया है।

अग्रवाल ने कहा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की तुलना में प्रिंट मीडिया आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में ज्यादा प्रभावी और जवाबदारी से अपनी भूमिका निभाता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आतंकवाद को फैलाने का एक बड़ा हथियार बन गया है। इसलिए सोशल मीडिया पर उपलब्ध आतंकी साहित्य और उनकी गतिविधियों को तलाश कर उनके प्लेटफार्म को भी समाप्त किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत में सायबर आतंकवाद को खत्म करने के लिए तकनीकी रूप से और अधिक संसाधन जुटाए जाना जरूरी है इसके अलावा राज्य पुलिस को भी सायबर तकनीक में पारंगत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया शिक्षित वर्ग को आतंकवाद से प्रभावित करने का सबसे बड़ा प्लेटफार्म बनता जा रहा है। मीडिया को इस बारे में भी सोचने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से जुड़ी खबरों को प्रस्तुत करने में मीडिया कई बार आतंकवादियों के हाथों अनजाने में इस्तेमाल भी हो जाता हैं। इसके लिए जरूरी है कि मीडिया और संपादक और अधिक जिम्मेदारी से तय करें कि क्या दिखाया जाना है क्या नहीं।

मीडिया छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि केवल अनपढ़ और गरीब ही नहीं आतंकवाद में शिक्षित युवाओं को भी शामिल कराया जा रहा है। नशीले पदार्थ, सोने की तस्करी, नकली नोट का कारोबार, अपहरण, हफ्ता वसूली  जैसे अपराधिक गतिविधियों से ही आतंकवाद के लिये पैसा जुटाया जाता।

बदलती दुनिया में रेडियो पर चर्चा आज :

हिंदी पत्रकारिता सप्ताह के अंतर्गत 4 जून को शाम 4:00 बजे सुश्री शेफाली चतुर्वेदी ‘बदलती दुनिया में रेडियो’ पर चर्चा करेंगी। सुश्री चतुर्वेदी बीबीसी मीडिया से जुडी हैं। उनका व्याख्यान विश्वविद्यालय के फेसबुक पेज पर लाइव रहेगा।