हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह की हुई शुरूआत

बाल दिवस के अवसर पर केंद्रीय पुस्तकालय में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ हुई शुरूआत

महेंद्रगढ़:हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के पंडित दीनदयाल दयाल उपाध्याय केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा सोमवार को बाल दिवस के अवसर पर विभिन्न आयोजनों के साथ राष्ट्रीय पुस्कतालय सप्ताह की शुरूआत हुई। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार के नेतृत्व व मार्गदर्शन में आयोजित इस सप्ताह के अंतर्गत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, स्थानीय विद्यालयों के बच्चों, व विश्वविद्यालय शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों व उनके परिवारजनों के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह के शुभारंभ के अवसर पर कहानी प्रतियोगिता, रिवर्स रिडिंग कम्पीटिशन व टेलेंट हंट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय की प्रथम महिला प्रो. सुनीता श्रीवास्तव उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रो. सुनीता श्रीवास्तव ने इस तरह के आयोजनों को महत्त्वपूर्ण बताया और कहा कि अवश्य ही इस सप्ताह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न प्रतिभाओं को जानने-समझने व उनको उपयुक्त मंच प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त होगा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह के शुभारंभ के अवसर पर कहा कि इस तरह के आयोजन विश्वविद्यालय में जारी अध्ययन-अध्यापन व शोध के बीच सामाजिक सरोकारों को स्थापित करते हुए सभी सहभागियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने इस आयोजन से जुड़ें आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय एक ऐसी संस्था है जहां रोजाना कुछ नया सीखने का अवसर मिलता है। ऐसे में शिक्षकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों व शिक्षणेतर कर्मचारियों के साथ-साथ यदि अन्य सहभागी भी इस ज्ञानार्जन के प्रयास में जुड़ते हैं तो अवश्य ही विश्वविद्यालय अपने उद्देश्यों को प्राप्त करेगा। कार्यक्रम के संबंध में विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. संतोष सी एच ने बताया कि राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह आयोजित करने का उद्देश्य पढ़ने की आदत का विकास,पुस्तक संस्कृति और पुस्तकालय प्रणाली के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना है। साथ ही जनमानस को इस बारे में जागरूकता पैदा करना कि किताबें किस तरह से मानव मनोविज्ञान को बेहतर बनाने, तनाव के स्तर को कम करने और सकारात्मक व्यक्तित्व बनाने के लिए आईक्यू और ज्ञान में सुधार करने में मददगार साबित हो सकती हैं।
विश्वविद्यालय की सूचना वैज्ञानिक डॉ. विनिता मलिक ने बताया कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों के बच्चों के बीच कहानी प्रतियोगिता, रिवर्स रिडिंग कम्पीटिशन व टेलेंट हंट प्रतियोगिताओं के साथ आरंभ हुए इस सप्ताह में 15 नवंबर को पुस्तकालय जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मनोविज्ञान विभाग के सहयोग से राजकीय विद्यालय, जांट के विद्यार्थी पुस्तकालय प्रणाली से अवगत होंगे। इसी क्रम में 16 नवंबर को बुकमार्क प्रतियोगिता का आयोजन विश्वविद्यालय के शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों के लिए किया जाएगा। इसी तरह विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए 17 नवंबर को रंगोली प्रतियोगिता व 18 नवंबर को बुक कवर डिजाइन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रो. सारिका शर्मा, प्रो. गुंजन गोयल, प्रो. दिनेश चहल, प्रो. प्रमोद कुमार, डॉ. मोना शर्मा, डॉ. वी.एन.यादव, डॉ. पायल चंदेल, डॉ. अजयपाल, उपपुस्ताकलयाध्यक्ष डॉ. राजीव वशिष्ठ, सहायक पुस्कतालयाध्यक्ष डॉ. नरेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

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