torwartprofi zweiradhelm vitalwerte sonnensparo schutzschritt echtwork buerogaming gasgrillprofi damenrucksack जिले में कुरीतियों से दूर रहने के लिए सामाजिक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजित - गौरी किरण
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जिले में कुरीतियों से दूर रहने के लिए सामाजिक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजित

दहेज प्रथा व बाल विवाह को भी खत्म करने के लिए लोगों ने भारी हुंकार:
नशामुक्ति के लिए शराबबन्दी का लोगों ने व्यक्त किया आभार:

पूर्णिया(बिहार)बिहार सरकार के द्वारा चलाए जा रहे ‘समाज सुधार कार्यक्रम’ को लेकर आईसीडीएस के द्वारा ग्रामीण स्तर पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्थानीय लोगों के साथ संगोष्ठी आयोजित कर उन्हें सामाजिक कुरीतियों को दूर करने की शपथ दिलाई जा रही है। आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी राखी कुमारी द्वारा सभी प्रखंड के सीडीपीओ को इस सम्बंध में आवश्यक निर्देश जारी करते हुए लोगों को सामाजिक बदलाव के लिए जागरूक करने और इसके लिए शपथ दिलाने के लिए कहा गया है। इसे कार्यान्वित करते हुए जिले के सभी प्रखंडों के आंगनबाड़ी केंद्रों में सीडीपीओ द्वारा लोगों को सामाजिक कुरीतियों के लिए जागरूक करते हुए इसे खत्म करने की शपथ दिलाई जा रही है।

कुरीतियों के खिलाफ शपथ लेते ग्रामीण

लोगों की जागरूकता से ही समाज में होगा बदलाव :
जिले के हरदा आंगनबाड़ी केंद्र संख्या- 96 पर आयोजित संगोष्ठी में क्षेत्र की बहुत से महिलाओं व पुरुषों ने भाग लिया। उन्हें सम्बोधित करते हुए सीडीपीओ गुंजन मौली ने कहा कि लोगों की जागरूकता से ही समाज में सुधार हो सकता है। इससे आने वाली पीढ़ियों को बहुत फायदा मिल सकेगा और वह ज्यादा सफल हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा समाज की बहुत बड़ी कुरीतियों में से एक है जिससे हर किसी को परेशानी उठानी पड़ती है। अगर इसे खत्म कर दिया जाए तो लोग बच्चों , मुख्य रूप से लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे और उनके आगे बढ़ने से ही समाज का विकास होगा। इसलिए सभी लोगों को इसके लिए जागरूक रहने और समाज में ऐसे कुरीतियों को बढ़ावा नहीं देने का प्रयास करना चाहिए।

नशामुक्ति के लिए शराबबन्दी का लोगों ने व्यक्त किया आभार :
आयोजित संगोष्ठी में लोगों ने समाज में नशामुक्ति के लिए शराबबंदी करने के प्रति आभार व्यक्त किया। महिला पर्यवेक्षिका गौरी रानी ने कहा कि नशामुक्ति शुरू होने से बहुत से परिवार में खुशियां लौटी हैं। नशा मुक्त होने वाले परिवार के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ रहे हैं और अच्छा मुकाम भी हासिल कर रहे। संगोष्ठी में लोगों को आगे भी इस तरह के सामाजिक सुधार गतिविधियों के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलाई गई।