नियमित टीकाकरण को सुदृढ़ करने को एएनएम को ड्यू लिस्ट अपडेट करने का आदेश
परिवार नियोजन के उपायों पर अमल करने से मां व शिशु की सेहत में सुधार होता
किशनगंज(बिहार)जिला के पोठिया प्रखंड में स्वास्थ्य विभाग मरीजों को गुणवत्तापूर्ण तथा सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को निरंतर प्रयासरत है। संक्रमण काल में भी सभी कर्मी ने अपना दायित्व बखूबी निभाया है। मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा कि बारी-बारी से मातृत्व स्वस्थ्य, शिशु स्वास्थ्य परिवार कल्याण, किशोर-किशोरी कार्यक्रम, वेक्टर जनित रोग, एएनसी जांच, नियमित टीकाकरण, संस्थागत प्रसव को अस्पताल में प्रसव से जुड़ी सेवाओं को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है। विदित हो कि प्राथमिक स्वास्थ केंद्र में प्रतिदिन दर्जनों की संख्या में गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच की जाती है। जिसमें प्रसवपूर्व 4 हीमोग्लोबिन, बीपी जांच की जाती है। प्रखंड में मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, प्रसव के दौरान व इसके तत्काल बाद जच्चा-बच्चा को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल की सुविधा के लिहाज से लक्ष्य प्रमाणीकरण खास महत्वपूर्ण है।
एएनएम् द्वारा किये गए नियमित टीकाकरण की हुई समीक्षा:
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने एएनएम् द्वारा नियमित टीकाकरण कार्य की पूरे प्रखंडों में प्राप्त लक्ष्य के आधार पर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हर हाल में प्रखंड में 95 प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करना है। जिन एएनएम् के पोषक क्षेत्र में कम लक्ष्य प्राप्त हुआ वहां पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है। पूरे प्रखंड में लाभार्थियों को चिह्नित करें। ताकि शत-प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। साथ ही सभी एएनएम् को कहा कि सात दिनों के अंदर नियमित टीकाकरण के लिए ड्यू लिस्ट को अपडेट करें। ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। ड्यू लिस्ट अपडेट करने में आशा मदद करेंगी।इस दौरान उन्होंने मासिक टीकाकरण सत्र प्लान को सुदृढ करने की बात कही। परिवार नियोजन के उपायों पर अमल करने से मां व शिशु की सेहत में सुधार होता है।
समीक्षा बैठक में शामिल हुए सभी एएनएम् को डॉ देवेन्द्र ने बताया कि परिवार नियोजन के विभिन्न उपायों को लेकर आज भी जिले की अधिकांश आबादी में जागरूकता की कमी है। लोग आज भी बंध्याकरण को ही परिवार नियोजन का एकमात्र उपाय मानते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। परिवार नियोजन के लिये आज कई स्थायी व अस्थायी साधन उपलब्ध हैं। यह बच्चों के जन्म में पर्याप्त अंतर रखने, अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाने में मददगार हैं। माला एन, ओसी पिल्स, कंडोम , अंतरा व कॉपर टी का नाम इसमें शामिल हैं । जिसका उपयोग परिवार नियोजन के लिहाज से सुरक्षित व उपयोगी है। परिवार की खुशहाली के लिये इसका छोटा आकार होना जरूरी है। बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करने के उद्देश्य से भी यह खास महत्वपूर्ण है। परिवार नियोजन के उपायों पर अमल करने से मां व शिशु की सेहत में सुधार होता है। इससे बच्चों के बीच अंतराल रखने व गर्भनिरोध में भी मदद मिलती है। कुपोषण घटाने व मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के मामलों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका साबित हो चुकी है।
कोविड नियमों के अनुपालन के साथ समीक्षा बैठक:
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कोविड नियमों के अनुपालन के साथ समीक्षा बैठक की। सभी एएनएम्, आशाकर्मी मास्क पहने हुए दिखे। इसके साथ ही दो गज की शारीरिक दूरी का भी पालन किया गया। बैठक में डॉ. देवेन्द्र , डॉ संजय , प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंन्धक, लेखापाल, केयर के परिवार नियोजन समन्वयक डॉ फैज , प्रखंड प्रबंधक ऋतू मन्ना , पाथ के मो आदिल आदि उपस्थित रहे।
नहीं करें अनदेखी तथा कोरोना के नियमों का करे पालन :
1.व्यक्तिगत स्वच्छता और 2 गज की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
2.साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
3.छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढकें .
4.घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
5.मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
6.बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें
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