torwartprofi zweiradhelm vitalwerte sonnensparo schutzschritt echtwork buerogaming gasgrillprofi damenrucksack एईएस-जेई से बचाव के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम - गौरी किरण
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एईएस-जेई से बचाव के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

सिवान:जिले में एईएस और जेई जैसी वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण सह बैठक का आयोजन किया गया। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जागरूकता अभियान के जरिए बीमारी को रोकने के प्रयासों पर जोर दिया गया। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. ओम प्रकाश लाल ने कहा कि गर्मी के दिनों में एईएस (तीव्र इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) और जेई (जापानी इंसेफेलाइटिस) के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। रोकथाम, नियंत्रण और उपचार के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण और उपचार की तैयारियां शामिल हैं।

आशा कार्यकर्ताओं के जरिए लोगों को बीमारी के लक्षणों की जानकारी दी जा रही है। तेज बुखार, सिरदर्द, अर्धचेतना, भ्रम की स्थिति, बेहोशी, शरीर में चमक, हाथ-पैर में थरथराहट, लकवा, अकड़न और मानसिक संतुलन बिगड़ना इसके प्रमुख लक्षण हैं। इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है।

जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार नीरज कुमार सिंह और वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि बैठक के पहले दिन जिले के सभी वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। दूसरे दिन स्थानीय स्तर पर सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया। गर्मी के मौसम में एईएस और जेई से निपटने के लिए पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए गए।

एईएस एक ऐसी बीमारी है, जो मस्तिष्क को प्रभावित करती है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनमें वायरस, बैक्टीरिया और अन्य संक्रमण शामिल हैं। वहीं, जेई एक वायरल बीमारी है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलती है। स्वास्थ्य विभाग शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर स्कूली बच्चों को भी इस बीमारी के प्रति जागरूक कर रहा है।

इस अवसर पर डीवीबीडीसीओ डॉ. ओम प्रकाश लाल, डीवीबीडीसी नीरज कुमार सिंह, वीडीसीओ प्रीति आनंद, विकास कुमार, कुंदन कुमार, सिफार के डीपीसी धर्मेंद्र रस्तोगी, पिरामल स्वास्थ्य के जिला प्रतिनिधि कुमार कुंदन सहित कई अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।