मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा ,मौसमी रोगों से बचने के लिए रहें सावधान

नवजात शिशु एवं बच्चों का रखें विशेष ख्याल
ठंडजनित बीमारी महसूस होते ही लें चिकित्सीय सलाह

किशनगंज(बिहार)जिले में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। पिछले दो-तीन दिनों में तेज हवा बहने से पारा तेजी से नीचे गिरा है और दिन और रात के तापमान में काफी अंतर दिखने लगा है। बदलते मौसम को देखते हुए लोगों ने भी ठंड से बचने के लिए अपने स्तर से तैयारियां शुरू कर दी है। लोग जैकेट, स्वेटर, टोपी, मफलर सहित कई गर्म कपड़े पहनकर निकलने लगे हैं। बावजूद इसके शहर में बढ़ते ठंड के प्रभाव को देखते हुए लोगों को काफी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खासकर नवजात शिशु, छोटे-छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखने की आवश्यक है। इस मौसम में नवजात शिशु एवं छोटे- छोटे बच्चों में सर्दी- खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ एवं निमोनिया होने की संभावना सबसे अधिक रहती है। साथ ही सामान्य लोगों खासकर बुजुर्गों को भी सर्दियों के मौसम में ब्लड प्रेशर, सांस लेने में तकलीफ, फेफड़े का संक्रमण होने की संभावना रहती है।

नवजात शिशु एवं बच्चों का रखें खास विशेष ख्याल:
सदर अस्पताल किशनगंज के अस्पताल अधिक्षक डॉ अनवर हुसैन बताया कि सर्दियों शुरू होने के साथ ही बच्चे और बुजुर्गों का युवाओं के सापेक्ष रोग-प्रतिरोध क्षमता काफी कम होती है। जिसके कारण ठंड के मौसम में सतर्कता नहीं बरतने पर बच्चे और बुजुर्गों बच्चों एवं बुजुर्गों में सांस संबंधी बीमारियों एवं फेफड़े में संक्रमण होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। नवजात शिशु एवं छोटे-छोटे बच्चों में इस दौरान निमोनिया जैसी बीमारियों की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है। इस दौरान बच्चों को ऐसी बीमारियों से बचाने के लिए उनका विशेष ख्याल रखना आवश्यक है। इसके लिए बच्चे की मां को बच्चे के रखरखाव, उसके खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिये। नवजात शिशु की मां को अपने बच्चे को निमोनिया जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए उसको हमेशा गर्म रखने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए माताओं को कंगारू मदर केयर तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सर्दियों के मौसम में बच्चों एवं बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है। इस वजह से इन्हें सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित होने की संभावना काफी बढ़ जाती है तथा इस मौसम में बुजुर्गों को अत्यधिक ठंड की वजह से पारालायसिस एवं ब्रेन हेमरेज होने की संभावना रहती है।
बीपी, डायबिटीज, किडनी, साँस समेत पूर्व से अन्य बीमारी से पीड़ित लोग रहें विशेष सतर्क
सिविल सर्जन डॉ श्रीनंदन ने बताया कि ठंड मौसम के आगमन के साथ ही सर्दी-खाँसी, बुखार, साँस संबंधी परेशानी समेत अन्य मौसमी बीमारियाँ का भी दौर शुरू हो जाता है और यह आम बीमारी बन जाती है। यानी यह किसी भी आयु वर्ग के लोगों को हो सकता है। ऐसे में सतर्क और सावधान रहना बेहद जरूरी है। साथ ही ब्लडप्रेशर(बीपी ), डायबिटीज, किडनी, साँस समेत पूर्व से अन्य बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। दरअसल, ऐसे लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता सामान्य लोगों के सापेक्ष काफी कमजोर होती है। जिसके कारण ऐसे लोग बदलते मौसम में तुरंत मौसमी बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं।
ठंडजनित बीमारी महसूस होते ही लें चिकित्सीय सलाह :
सदर अस्पताल किशनगंज के अस्पताल अधिक्षक डॉ अनवर हुसैन बताया कि ठंड के मौसम में कई तरह की बीमारियों की संभावना रहती है। इसलिए, ठंडजनित बीमारी का महसूस होते ही चिकित्सकों से जाँच कराएँ और जाँचोपरांत चिकित्सा परामर्श के अनुसार ही इलाज कराएँ। साथ ही ठंडजनित बीमारी से बचाव के लिए गर्म कपड़े का उपयोग करें। साथ ही सदर अस्पताल किशनगंज में साथ ही ठंडजनित बीमारी से बचाव के लिए उपुक्त दवाई की व्यवस्था उपलब्ध है |
गर्म कपड़े का करें उपयोग, ठंडजनित बीमारी से रहें दूर :
ठंड से बचाव के लिए सबसे आसान और बेहतर उपाय गर्म कपड़ा है। इसलिए, गर्म कपड़े का उपयोग करें। घर से निकलने वक्त अगर तेज धूप रहे तो ऐसी स्थिति में गर्म कपड़ा साथ लेकर घर से निकलें। ताकि लौटने वक्त देर हो जाए तो ठंड प्रभावित नहीं कर सके।
गर्म व ताजा खाने का करें सेवन :
ठंड में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए गर्म व ताजा खाना का सेवन करें। सुबह गुनगुना पानी पीएं। इससे शरीर का तापमान बढ़ेगा और आंतरिक अंग सही तरीके से कार्य करेगा। चाय में अदरक, दूध में हल्दी और गुड़ (शक्कर) का भी भरपूर सेवन करें। यह न सिर्फ आपको ठंड से बचाव करेगा बल्कि अन्य बीमारियों से भी दूर रखेगा।

सर्दी के मौसम में बच्चों एवं बुजुर्गो की सुरक्षा के लिए बरतें कुछ सावधानी:

  • नवजात शिशु एवं छोटे- छोटे बच्चों को ठंड से बचाने के लिये उसके रखरखाव, खानपान का विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता है। इसके लिए नवजात शिशु का कंगारू मदर तकनीक से ध्यान रखने की आवश्यकता है।
  • बच्चे को हमेशा सूखे बिछावन पर हीं रखना चाहिए। बच्चे के खाने-पीने में हमेशा गर्म भोजन एवं दूध, पानी पीने के लिए देना चाहिये।
  • बच्चों के साथ बुजुर्गो को भी हमेशा खाने-पीने में गर्म भोजन एवं पेय पदार्थ का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • बच्चों एवं बुजुर्गों दोनों को हमेशा गर्म कपड़े ही पहनना चाहिये।
  • सर्दियों के मौसम में सबको अधिकतम समय सूर्य की धूप में बिताना चाहिये। मालूम हो को सूर्य की धूप में विटामिन डी होता है। इससे हड्डियों के विकास के लिये आवश्यक कैल्शियम की पूर्ति होती है। इस प्रकार से सर्दियों का मौसम शुरू होने के साथ कुछेक सावधानी बरतकर नवजात शिशु, छोटे- छोटे बच्चों, बुजुर्गों को कई जानलेवा बीमारियों से बचाने के साथ हीं सभी लोग खुद भी सुरक्षित रह सकते हैं।
    कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन,-
  • एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
  • सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
  • अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
  • आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
  • छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।

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