क्या किसी की जान ले कर सुनेगी N.T.P.C प्रबंधन

शक्तिनगर खड़िया बाजार से एनटीपीसी द्वारा कई वर्षों पूर्व बनाई गई बाईपास सड़क जो ज्वालामुखी मंदिर,एनटीपीसी प्लांट गेट,एडीएम बिल्डिंग समेत मध्यप्रदेश को छूती है। उसी बाईपास सड़क से एनटीपीसी में मजदूरी करने वाले हजारों मजदूर व आवागमन करने वाले राहगीर समेत आम क्षेत्रवासी अपने तमाम तरीके के वाहन व पैदल चलते है।

इसी सड़क से एनटीपीसी के लिए बड़े बड़े वाहनों से प्लांट सम्बन्धी पार्ट्स लेजाए और निकाले जाते है जिसके वजह से सड़क के परखच्चे उड़ चुके है सड़क अब सड़क नही तालाब बन चुका है राहगीर आये दिन दुर्घनाग्रस्त होते है सड़को पर सबसे ज्यादा इनदिनों दुर्घटना समेत अपराध का रास्ता बन चुका है राहगीर रोजाना मौत के मुह में जा कर अपने कार्यो के लिए सड़क पर निकलता है उसी मार्ग से तमाम विद्यालयों में पढ़ने वाले छोटे बच्चे पैदल समेत अभिवावक के साथ पढ़ने के लिए जाते आते है मामले की जानकारी तमाम क्षेत्रीय नेताओ व युवाओ द्वारा लिखित जानकारी देकर सड़क की मरम्मत व तत्काल प्रभाव से आवागमन करने योग्य वनवाये जाने के लिए कई बार एनटीपीसी शक्तिनगर प्रबंधन कार्यवाही की मांग की गई है पर एनटीपीसी द्वारा हटकारी रवैया अपनाये हुए। कान में तेल डालकर बैठी हुई है तमाम क्षेत्रीय नेताओ द्वारा एनटीपीसी प्रबंधन का विरोध करते हुए कहा गया कि।

क्या किसी की जान लेकर सुनेगी एनटीपीसी प्रबंधन। इधर लगातार दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ता चला जा रहा है उधर नेता समेत जनता आक्रोशित हो रही है जहाँ एक तरफ एनटीपीसी प्रबंधन कागजी कोरम पूरा कर एनजीटी के तहत क्षेत्र में सारी सुख सुविधाओं का सरकार को हवाला दे रही है वही दूसरी तरफ लोग एनटीपीसी की जमीनी तौर पर तमाम असुविधाओं से जूझते हुए मरने के लिए मजबूर है।

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