छपरा के बाल वैज्ञानिक आशीष और प्रियंका ने राज्य स्तर पर बनाई पहचान, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने किया सम्मानित
छपरा(बिहार)जहां आज के दौर में अधिकांश छात्र- छात्राएं पढ़ाई को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित रखते हैं, वहीं सारण जिले के दो होनहार बाल वैज्ञानिक आशीष और प्रियंका ने विज्ञान को समाज से जोड़कर जिले का मान- सम्मान बढ़ाया है। इन दोनों छात्रों का चयन द्वितीय बिहार बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम- 2025 में स्टेट अवार्डी के रूप में हुआ है। छपरा शहर स्थित विशेश्वर सेमिनरी के छात्र आशीष तथा मढ़ौरा के नरहरपुर गांव स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा प्रियंका ने अपने शोध प्रोजेक्ट के माध्यम से राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
इस संबंध में साइंस फॉर सोसायटी के जिला समन्वयक यशपाल कुमार सिंह ने बताया कि जब विज्ञान केवल पाठ्य पुस्तकों की सीमाओं को लांघकर समाज की धड़कनों से जुड़ता है, तब वह शोध मात्र नहीं बल्कि वह संवेदना, समाधान और संस्कार बन जाता है। यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम पटना स्थित श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र में 30 एवं 31 दिसंबर 2025 को आयोजित किया गया था। परियोजनाओं की व्यावहारिक उपयोगिता और सामाजिक महत्व को देखते हुए दोनों का चयन राज्य स्तर पर किया गया है।
इस उपलब्धि पर समग्र शिक्षा के जिला परियोजना पदाधिकारी राजेश मांझी ने आशीष और प्रियंका को मोमेंटो, प्रमाण- पत्र एवं अंग वस्त्र से सम्मानित किया है। वहीं समग्र शिक्षा की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रियंका रानी ने दोनों बाल वैज्ञानिकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।
जबकि एकेडमिक समन्वयक सह प्राचार्य पंकज कुमार सिंह ने बताया कि आशीष का शोध विषय खेतों में पाए जाने वाले खरपतवारों के अध्ययन एवं उनके वैकल्पिक उपयोग पर आधारित था, जबकि प्रियंका का प्रोजेक्ट बायोचार के माध्यम से मृदा अपरदन रोकने और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने पर केंद्रित था। कार्यक्रम में दोनों बाल वैज्ञानिकों के गाइड शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया है। इस अवसर पर डॉ सुरेश प्रसाद सिंह, जितेंद्र कुमार, प्राचार्य राजू गुप्ता सहित कई शिक्षक एवं शिक्षा विभाग के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

