“बिहार ज्योति अवार्ड 2022” का शानदार आयोजन

बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के जन्मदिवस पर विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले को बिहार कला व सांस्कृतिक विकास परिषद पटना ने किया सम्मानित

हाजीपुर(वैशाली)जिले से सटे पटना के स्थित मातृ उद्बोधन आश्रम यारपुर के सभागार में बिहार कला व सांस्कृतिक विकास परिषद की ओर से बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉक्टर श्री कृष्ण सिंह की 135 वी जयंती पर “बिहार ज्योति अवार्ड”के साथ-साथ संगोष्ठी व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर डॉक्टर चंद्रशेखर एवं मुख्य अतिथि भूमि राजस्व मंत्री आलोक कुमार मेहता ने किया।संगोष्ठी में श्रीकृष्ण सिंह के योगदान की चर्चा करते हुए जहानाबाद एस एस कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर एस के मिश्रा, बिहार नागरिक परिषद के पूर्व महामंत्री व जदयू के वरिष्ठ नेता अरविंद प्रसाद उर्फ छोटू सिंह,बिहार बाल संरक्षण अधिकार के पूर्व निदेशक सदस्य शिव शंकर निषाद,बाबा बलराम सिंह उद्बोधन आश्रम के निदेशक सौरव सिंह,मां नर देवी प्रोडक्शन के इवेंट मैनेजर और निदेशक नीरज सिन्हा, गीतकार राघवेंद्र रघु ,डांस मास्टर प्रेम शंकर सिंह, गायक गोलू राजा राजपूत आदि उनके चित्र पर माल्यार्पण कर विचार व्यक्त किए।आरंभ में सभी आगंतुक का स्वागत पत्रकार आकाश कुमार के अभिभाषण से हुआ।समारोह की अध्यक्षता एवं संपूर्ण मंच संचालन कला सांस्कृतिक पुरुष व वरिष्ठ पत्रकार विश्वमोहन चौधरी “संत” ने किया।कार्यक्रम में ऊर्जावान प्रतिभावान लोगों को “बिहार ज्योति अवार्ड” से सम्मानित किया गया।जिसमें जहानाबाद एस एस कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर प्रोफेसर एस के मिश्रा,उर्दू पत्रकारिता के क्षेत्र में मोहम्मद शाहनवाज अता,गायन में राकेश बिहारी,अभिनय कला में मंतोष कुमार,शिक्षा एवं कला में डॉ राजेश कुमार को सम्मान स्वरूप ट्रॉफी,अंगवस्त्रम एवं सम्मान पत्र देकर के सम्मानित किया गया।इसके बाद अतिथियों के पुष्प अर्पित करने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें गायन मनोज कुमार,राधेजी,राकेश बिहारी अनुष्का जयसवाल ने अपनी गायकी का परिचय उपस्थित दर्शकों के बीच दिया।सोनी गुप्ता के निर्देशन में कई नृत्य का मनमोहक प्रस्तुति किया गया।साथ ही संगत में हारमोनियम पर राधे जी नाल पर धीरज पांडे ने अपना जलवा बिखेरा।इस तरह बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉक्टर श्री कृष्ण सिंह कि 135 वर्ष पर यह कार्यक्रमसंपन्न हुआ।अंत में धन्यवादज्ञापन दिव्य मोहन ने किया।