राष्ट्र को एक सूत्र में बांधती है हिंदी- प्रो. टंकेश्वर कुमार


हकेवि में मनाया गया हिंदी दिवस, कुलपति ने दिलाई राजभाषा प्रतिज्ञा
विशेषज्ञ व्याख्यान के साथ हिंदी पखवाड़े की हुई शुरूआत

महेन्द्रगढ़ हरियाणा

हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय भाषा की सरलता, सहजता और शालीनता अभिव्यक्ति को सार्थकता प्रदान करती है। हिंदी ने इन पहलुओं को खूबसूरती से समाहित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कथन हिंदी की स्वीकार्यता व उपयोगिता को स्पष्ट करता है। हिंदी वह भाषा है जो समूचे राष्ट्र को एक सूत्र में बांधती है। इसके प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं और अवश्य ही इस दिशा में व्यावहारिक प्रयोग से उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की जा सकती है। यह विचार हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित हिंदी पखवाड़े (14 सितम्बर से 30 सितम्बर) के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किए। विश्वविद्यालय की हिंदी प्रोत्साहन समिति द्वारा आयोजित विशेषज्ञ व्याख्यान की शुरूआत राजभाषा प्रतिज्ञा के साथ हुई। विश्वविद्यालय कुलपति ने इस आयोजन में सम्मिलित सभी प्रतिभागियों को राजभाषा से प्रेम, उसके प्रयोग हेतु प्रोत्साहन और उसके प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने की प्रतिज्ञा दिलाई।

नन्द लाल सिंह महाविद्यालय में मना हिन्दी दिवस महोत्सव


हिंदी के समक्ष चुनौतियां एवं संभावनाएं विषय पर आयोजित इस ऑनलाइन व्याख्यान को संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय हिंदी प्रोत्साहन समिति हिंदी के प्रचार-प्रसार की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए वर्षभर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस व्याख्यान का उद्देश्य भी हिंदी के समक्ष चुनौतियों और उसके विकास के उपलब्ध होने वाली संभावनाओं पर विचार करना है। कुलपति ने कहा कि हिंदी के व्यावहारिक प्रयोग से यह जन-जन तक पहुँचेगी और इस कार्य में शिक्षकों, विद्यार्थियों व कर्मचारियों की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। इसके लिए हमें शिक्षण के मोेर्चे पर विशेष प्रयास करने होंगे फिर वह चाहे अध्ययन-अध्यापन की बात हो या फिर परीक्षा की। कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी भाषा के इस महत्त्व को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज के सह-आचार्य डॉ. हरींद्र कुमार ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में जिस तरह से मातृभाषा को महत्त्व दिया गया है, उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि हिंदी का भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि आज तकनीक के माध्यम से हम हिंदी का उपयोग सहज कर सकते हैं और यह बदलाव इसके प्रचार-प्रसार में सहायक है।

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इससे पूर्व में हिंदी प्रोत्साहन समिति के सदस्य डॉ. अजयपाल ने हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में गृहमंत्री श्री अमित शाह व शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के द्वारा जारी संदेश को पढ़कर सुनाया। कार्यक्रम में माननीय कुलपति महोदय का परिचय हिंदी प्रोत्साहन समिति के समन्वयक डॉ. दिनेश कुमार गुप्ता ने तथा विशेषज्ञ वक्ताओं का परिचय समिति सदस्य डॉ. प्रमोद कुमार ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा पीठ के सहायक आचार्य डॉ. शंकर लाल ने किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. सिद्धार्थ शंकर राय ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में आयोजन में सहायक आचार्य डॉ. अनूप यादव ने सक्रिय भूमिका निभाई। व्याख्यान में विश्वविद्यालय के शोध अधिष्ठाता प्रो. संजीव कुमार व शिक्षा पीठ की अधिष्ठाता प्रो. सारिका शर्मा सहित विभिन्न पीठों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, शिक्षणेतर कर्मचारी, विद्यार्थी व शोधार्थी व देश के विभिन्न संस्थानों से प्रतिभागी शामिल हुए।

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