पहले अस्पताल को अपना घर बना रेबिका टुडू ने की लोगों की सेवा, फिर कोरोना को दिया मात

• 11 वर्षों का जमीनी अनुभव कारगर साबित हुआ
• कोविड-19 को मात देने के लिए जागरूकता जरुरी
• सहयोगियों और समुदाय को करती हैं प्रेरित

किशनगंज(बिहार)कोरोना संक्रमण काल में लोगों की निःस्वार्थ सेवा करना आसान नहीं था. लेकिन जिले की कुछ नर्सेज एवं एएनएम ऐसी भी थीं, जिन्होंने कोरोना काल में अपने घर को छोड़कर अस्पताल को ही अपना घर बनाया. वह कई दिनों घर नहीं जा सकी एवं दिन-रात लोगों की सेवा करने में इतनी मशगूल हुयीं कि उन्हें भी कोरोना से संक्रमित होना पड़ा. जिले के दिघलबैंक प्रखंड की एनएम रेबिका टुडू भी उन्हीं योद्धाओं में शामिल हैं, जिन्होंने संक्रमण काल में सेवा की अनूठी और अनुकरणीय मिसाल पेश की. वह अक्टूबर माह में कोरोना संक्रमित हो गयी थीं। जैसे ही उन्हें खुद के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी मिली तो उन्होंने बिना डरे अपने परिवारजनों और सहयोगियों की तत्काल कोरोना जांच करवायी, जिसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आयी। इससे उन्हें और भी बल मिला और डॉक्टर के परामर्श अनुसार 15 दिन के होम आइसोलेशन में रहीं.

समाज में व्याप्त डर को कम करने में एनएम रेबिका का सराहनीय प्रयास:
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, दिघलबैंक के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ तेज नारायण रजक ने बताया कोरोना जैसे वैश्विक महामारी के मुश्किल भरे दौर में भी एनएम रेबिका टुडू लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ देने में जुटी रही। साथ ही इलाज के लिए पीएचसी आने वाले लोगों को भी कोविड-19 से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी भी देने का कार्य भी उन्होंने बखूबी किया। उन्होंने इसके अलावा पीएचसी से संबंधित अन्य कार्यों को भी बखूबी अंजाम दिया। सरकार के गाइडलाइन के अनुसार सुरक्षा उपायों को अपनाते हुए अपनी ड्यूटी को निभाया जो कोरोना के प्रति समाज में व्याप्त डर को कम करने के लिए सराहनीय प्रयास है।

प्रसव कराने के साथ कोल्ड चेन हैंडलर की भूमिका भी निभा रही:

रेबिका टुडू ने बताया वह वैसे तो आम दिनों में भी अपनी ड्यूटी से कभी पीछे नहीं रही। लेकिन इस वैश्विक महामारी काल में सुरक्षित प्रसव कराने एवं लोगों की सेवा उनकी पहली प्राथमिकता में शामिल रही है। वह कहती हैं- एक बार वह संक्रमित भी हुयी हैं. लेकिन संक्रमण के बाद भी उनका हौसला कभी टूटा नहीं. उन्होंने बताया इस दौर में लोगों को उनके जैसे स्वास्थ्य कर्मी की अधिक जरूरत है. इसलिए वह संक्रमित होने के बाद भी पूरी सतर्कता के साथ पुनः लोगों की सेवा में जुट गयी हैं. अभी फ़िलहाल उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कोल्ड चैन हैंडलर की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गयी है जिसे वह पूरी ईमानदारी से निभा कर रही हैं.

कोविड-19 को मात देने के लिए जागरूकता जरुरी:

लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए जागरूक करने के दौरान एएनएम रेबिका टुडू ने इस बात पर बल दिया कि कम से कम समाज के प्रत्येक व्यक्ति निश्चित रूप से मास्क का उपयोग एवं शारीरिक दूरी पालन करें. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा- जो कोरोना से ग्रसित व्यक्ति स्वस्थ होकर आम जिदगी जी रहे हैं, उनसे मानसिक दूरी न बनाकर उनका हौसला बढ़ाएं. कोरोना से स्वस्थ होने में इनलोगों ने मजबूत इच्छाशक्ति और संबल का परिचय दिया है। उन्होंने बताया कोरोना संक्रमित व्यक्तियों से मानसिक दूरी न बनाएं। यह सभी का दायित्व बनता है कि ठीक हो चुके कोरोना मरीजों के साथ पहले जैसा ही मित्रवत व्यवहार करें. कोविड-19 से बचाव के लिए सबसे बेहतर और आसान उपाय यही है, जो समाज के हर तबके लोग करने में भी सक्षम हैं।

कोविड-19 को मात देने के लिए चिकित्सा परामर्श का पालन जरूरी :

रेबिका टुडू ने बताया कोविड-19 को मात देने के लिए चिकित्सा परामर्श का पालन महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ मजबूत इच्छा शक्ति का होना भी जरूरी है। लोगों को कोविड-19 जाँच कराने में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। बल्कि, लक्षण दिखते ही जाँच कराना चाहिए। जाँच के बाद चिकित्सकीय परामर्श का पालन करते हुए आवश्यक इलाज कराना चाहिए।

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