तीन दिवसीय अंतरास्ट्रीय वृद्ध दिवस का किया जाएगा आयोजन

वृद्धावस्था के दौरान होने वाले बीमारियों की निःशुल्क चिकित्सा एवं परामर्श की होगी सुविधा

समय पूर्व मृत्यु का एक प्रमुख कारण हैं गैर संचारी रोग

शत प्रतिशत सफ़लता के लिए स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा लोगों को किया जा रहा हैं जागरूक

पूर्णिया(बिहार)राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार पटना के कार्यपालक निदेशक सह स्वास्थ्य सचिव मनोज कुमार ने राज्य के सभी सिविल सर्जनों को पत्र जारी कर कहा है कि आगामी 01 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस को मनाए जाने को लेकर ज़िला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल सहित ज़िले के सभी अस्पतालों, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफ़रल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर गुरुवार को अंतरास्ट्रीय वृद्ध दिवस का आयोजन किया जाना है।

वृद्धावस्था के दौरान होने वाले बीमारियों का निःशुल्क चिकित्सा एवं परामर्श :

सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा ने बताया ज़िले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर आगामी 01 अक्टूबर से 03 अक्टूबर तक निःशुल्क चिकित्सा एवं परामर्श का आयोजन किया जाना है।इस दौरान सभी स्वास्थ्य संस्थाओं पर विशेष तौर पर ओपीडी सेवाओं की व्यवस्था भी करनी है, जिसमें बुजुर्गो के लिए अलग से बैठने की समुचित व्यवस्था होगी। साथ ही वृद्धावस्था के दौरान होनी वाली बीमारियों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, गठिया, पार्किंसंस, मनोभ्रंश, अल्जाइमर, हृदय रोग, ईएनटी एवं नेत्र रोगों की जांच व उपचार के लिए अलग-अलग काउंटर लगाकर जांच के बाद दवा वितरण किया जाना है, ताकि बुजुर्गों को किसी भी तरह से कोई असुविधा नहीं हो।

वरिष्ठ नागरिकों की सेवा के लिए तीन दिवसीय अंतरास्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर निःशुल्क चिकित्सा सेवा एवं परामर्श का आयोजन किया गया हैं, जिसके जागरूकता को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न चौक चौराहों व सामुदायिक स्तर पर रंगीन फ्लेक्स, बैनर व पोस्टर लगाना हैं ताकि व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार किया जा सके. इस अवसर पर होने वाले जांच व परामर्श के दौरान उपयोग होने वाले आवश्यक उपकरण एवं औषधियों की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित करनी है.

समय पूर्व मृत्यु का एक प्रमुख कारण हैं गैर संचारी रोग:

ज़िले के गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ विष्णु प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के इस संक्रमण काल में जितनी मृत्यु हो रही हैं उसका 60 प्रतिशत से ज़्यादा गैर संचारी रोगों के कारण हो रही हैं. जिसके चार मुख्य कारण भी हैं, जैसे: हृदय रोग, लकवा तथा उच्च रक्तचाप, चिरकालिक श्वसन रोग, कैंसर व मधुमेह जैसी बीमारी है. काफ़ी लंबे समय तक चलने वाले बीमारियों को गैर संचारी रोग कहा जाता है। ऐसी बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक नही जा पाती है।ऐसी बीमारी फैलने में बहुत ज्यादा समय लग जाता है और शुरू के दिनों में उसके लक्षण दिखाई तो नहीं देता हैं जबकि कुछ वर्षो के बाद वहीं बीमारी अपनी जड़े जमा लेता हैं जिसका इलाज लंबे समय तक चलता रहता है।

शत प्रतिशत सफ़लता के लिए स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा लोगों को किया जा रहा हैं जागरूक:

कार्यक्रम की शत प्रतिशत सफ़लता के लिए ज़िले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर कहा गया हैं कि गांव के हर गली में इसकी सूचना या जानकारी देने के लिए अपने स्तर से प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, अस्पताल प्रबंधक, प्रखंड कम्युनिटी मोबिलाइजर, स्वास्थ्य कर्मियों सहित आशा कार्यकर्ताओं को प्रचार प्रसार के लिए लगाया जाए ताकि जन-जन को इसका लाभ मिले.

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