मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का एक सशक्त माध्यम: जयमित्रा देवी
छपरा के प्रेक्षा गृह में एक दिवसीय मत्स्य प्रत्यक्षण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
छपरा:जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने तथा मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से स्थानीय शहर के जिला प्रेक्षा गृह में एक दिवसीय मत्स्य प्रत्यक्षण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 216 प्रतिभागियों में मत्स्य पालकों, प्रगतिशील किसानों एवं विभागीय पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रदीप कुमार द्वारा सभी आगंतुक अतिथियों के स्वागत के साथ किया गया। वहीं मुख्य अतिथि सारण जिला परिषद की अध्यक्ष जय मित्रा देवी के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया।
उक्त अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए जिला परिषद की अध्यक्ष जयमित्रा देवी ने कहा कि
मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का एक सशक्त माध्यम है। इससे न केवल रोजगार के अवसर सृजित होते हैं, बल्कि किसानों और मत्स्य पालकों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। वहीं प्रशिक्षण सत्र में मुजफ्फरपुर के मोतीपुर स्थित केंद्रीय शिक्षा संस्थान के वैज्ञानिक उडीप्टो राय ने मत्स्य आहार विषय पर विस्तृत रूप से व्याख्यान दिया। उन्होंने वैज्ञानिक पद्धति से तैयार किए गए आहार, फीड मैनेजमेंट, पोषण संतुलन तथा उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी देते हुए बताया कि उचित आहार प्रबंधन से मछलियों की वृद्धि तेज होती है और उत्पादन लागत में कमी आती है।
सारण परिक्षेत्र के उपमत्स्य निदेशक सुमन कुमार द्वारा विभागीय योजनाओं से संबंधित प्रस्तुतीकरण के दौरान मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, अनुदान, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं वित्तीय सहायता की जानकारी को विस्तार पूर्वक साझा किया गया। वहीं प्रतिभागियों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया गया है। कार्यक्रम में जिला पार्षद इसुआपुर छविनाथ सिंह ने स्वयं के मत्स्य पालन से जुड़े अनुभव को साझा करते हुए बताया गया कि कैसे वैज्ञानिक तरीके अपनाकर उन्होंने बेहतर उत्पादन प्राप्त किया है। वहीं प्रगतिशील किसान नरेंद्र कुमार गिरी ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए अन्य मत्स्य पालकों को प्रेरित किया।
वहीं कृषि विज्ञान केंद्र के विषय वस्तु विशेषज्ञ पवन कुमार शर्मा ने समन्वित मछली पालन के संदर्भ में विस्तार पूर्वक परिचर्चा के दौरान कहा कि कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य पालन को एक साथ जोड़कर अधिक लाभ कमाने के तरीके को अपनाने की आवश्यकता है। आगे उन्होंने यह भी कहा कि समन्वित मछली पालन से संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है और किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ सकती है।
उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रखंड स्तर के मत्स्य जीवी सहयोग समिति के अध्यक्ष, मंत्री, सदस्य, प्रगतिशील किसान, विभागीय कर्मचारी एवं पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की मांग।

