कोविड-19 के दौरान “भारत में सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन” विषय पर हुआ राष्ट्रीय स्तर के वेबीनार का आयोजन

वैश्विक महामारी के दौर में आर्थिक और सामाजिक स्तर पर हुआ है परिवर्तन: प्रो.हरिकेश सिंह

राजेंद्र कॉलेज में हुआ राष्ट्रीय स्तर के वेबीनार का आयोजन

राजेंद्र कॉलेज के इतिहास में जुटा एक और अध्याय

छपरा(बिहार)वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण से भारत ही नहीं बल्कि पूरा विश्व आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा हैं जिसको लेकर देश विदेश के आर्थिक मामलों के जानकार व बुद्धिजीवियों के द्वारा इससे निबटने के लिए तरह-तरह के दावे किये जा रहे है लेकिन अभी तक कोई सार्थक कदम उठाया नहीं गया हैं.

लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर स्थापित जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अंगीभूत इकाई व प्रीमियर कॉलेज के रूप में ख्यातिप्राप्त शहर के राजेंद्र कॉलेज में वाणिज्य विभाग तथा भारतीय लेखा संगठन (पटना शाखा) के संयुक्त तत्वावधान में कोविड-19 के दौरान “भारत में सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन” विषय पर राष्ट्रीय स्तर के
वेबीनार का आयोजन किया गया.

वेबीनार के मुख्य अतिथि सह जेपीविवि के पूर्व कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह ने कहा कि कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के इस दौर में आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन बहुत तेज़ी के साथ हुआ है जिसका प्रभाव सभी वर्गों पर पड़ा है, कोरोना जैसी महामारी में हम सभी को मनोवैज्ञानिक तरीके से सकारात्मक विचार रखते हुए इससे निबटने की जरूरत हैं.

जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संकाय के डीन प्रो. अजय द्विवेदी ने आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन के हर एक पहलू पर चर्चा करते हुए कहा कि बुद्धिजीवियों के द्वारा इस संगोष्ठी में बताया गया कि किस तरह से भारतीय अर्थव्यवस्था के हर सेक्टर में परिवर्तन हुआ है, वहीं देश में कई लोगों की नौकरियां भी प्रभावित हुई हैं. कोविड-19 के दौरान भारत सरकार के द्वारा राहत पैकेज दिया गया हैं साथ ही आत्मनिर्भर भारत के संबंध में भारतीय अर्थव्यवस्था का भी विश्लेषण और उसके दूरगामी प्रभाव पर भी चर्चा की गई. वहीं दूसरी ओर लॉकडाउन के समय बढ़ रही घरेलू हिंसा, बेरोजगारी, प्रवास संबंधी समस्या सहित सामाजिक परिवर्तनों पर भी विस्तार से चर्चा की गई.

कोरोना महामारी के दौरान राष्ट्रीय स्तर का वेबीनार करने वाली राजेंद्र कॉलेज की सहायक प्राध्यापक डॉ अर्चना उपाध्याय ने बताया कि इस तरह के आयोजन करने से एक नई ऊर्जा का संचार होता हैं क्योंकि कोविड-19 में सभी लोग अपने-अपने घरों में रहते हुए कुछ नया करने का विचार रखते हैं तो मैने अपने अभिभावक जेपीयू के कुलपति सहित कई वरीय लोगों से संपर्क कर राष्ट्रीय स्तर का बेमिनार कराया गया हैं जिसमें 746 आवेदन आये हुए थे जबकि वेबीनार में लगभग 200 सौ प्रतिभागियों ने शुरू से अंत तक अपनी उपस्थिति दर्ज किया है.

सबसे खास बात यह हैं कि वाणिज्य विभाग का संबंध राजेन्द्र कॉलेज से पुराना रहा हैं क्योंकि इसकी स्थापना 15 अगस्त 1938 में हुई हैं जबकि राजेंद्र कॉलेज बिहार का एक मात्र ऐसा कॉलेज है जहां वाणिज्य की पढ़ाई शुरू हुई थी यह अपने आप में गौरव की बात हैं.

जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा के कुलपति प्रो. हनुमान प्रसाद पाण्डेय, प्रतिकुलपति प्रो अशोक कुमार झा, दिल्ली के पंडित दिन दयाल उपाध्याय केंद्र के निदेशक सह छात्र कल्याण संकाय के डीन प्रो. एस के सिन्हा, सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड के एसोसिएट प्राध्यापक प्रो.बटेश्वर सिंह ने भी विचार रखा.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजेंद्र कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ राज कुमार ने शामिल लगभग 2 सौ प्रतिभागियों का स्वागत किया जबकिं वाणिज्य विभाग के सहायक प्राध्यापक सह आयोजन सचिव डॉ अर्चना उपाध्याय ने आगत अतिथियों के सम्मान में सभी को धन्यवाद ज्ञापन किया.

देश के दर्जनों राज्यों के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों, शोधकर्ताओं सहित बुद्धिजीवी वर्ग, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, राजेंद्र कॉलेज, जगदम कॉलेज प्राध्यापक, शोधार्थी छात्र, पत्रकार सहित सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए थे.

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