torwartprofi zweiradhelm vitalwerte sonnensparo schutzschritt echtwork buerogaming gasgrillprofi damenrucksack गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर सप्ताह में दो दिन विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे अधिकारी - गौरी किरण
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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर सप्ताह में दो दिन विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे अधिकारी

अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई, जिला कार्यालय में समीक्षा भी की जाएगी

बिहार(पटना)शिक्षा विभाग विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर कई कदम बढ़ा रहा है। जिस मद में राशि जा रही है उसका सही इस्तेमाल हो रहा है कि नहीं इसकी भी मॉनिटरिंग की जा रही है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद में पदस्थापित राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी और संभाग प्रभारियों को मई माह में प्रत्येक सप्ताह में कम से कम दो दिन जिला भ्रमण कर विद्यालयों और उससे जुड़ी गतिविधियों का औचक निरीक्षण का निर्देश दिया गया है।

इन पदाधिकारियों द्वारा भ्रमण के दौरान जिला अंतर्गत अग्रिम राशि के समायोजन की भी समीक्षा की जाएगी। सप्ताह में दो दिन स्कूल का औचक निरीक्षण करेंगे अफसर:अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई, जिला कार्यालय में समीक्षा भी की जाएगी।राज्य परियोजना निदेशक असंगबा चुबा आओ ने यह निर्देश जारी किया है। उन्होंने इसके लिए पदाधिकारियों की जिलावार सूची जारी की है।

इन अधिकारियों को दी गई है जिम्मेदारी
अपर राज्य परियोजना निदेशक,कार्यक्रम रविशंकर सिंह को कैमूर और रोहतास, अपर राज्य परियोजना निदेशक, शिक्षक किरण कुमारी को पटना और समस्तीपुर, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी सचिंद्र कुमार को वैशाली और मुजफ्फरपुर, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी रश्मि रेखा को नालंदा और नवादा, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी लालिमा को अरवल और जहानाबाद, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी मोहम्मद असगर अली को पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी मोहम्मद इम्तयाज आलम को भोजपुर और बक्सर, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी अश्वनी कुमार को गया और औरंगाबाद, असैनिक कार्य प्रबंधक प्रभारी भोला प्रसाद सिंह को भागलपुर मुंगेर, मुख्य लेखा पदाधिकारी रमन कुमार को सीतामढ़ी और शिवहर का दायित्व दिया गया है।

जिला स्तरीय कार्यालय में समीक्षा होगी
पत्र में क्या कहा गया है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम समन्वयक द्वारा पदाधिकारियों से समन्वय करें। निर्देश दिया गया है कि जिला स्तरीय कार्यालय में समीक्षा के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी- प्रारंभिक शिक्षा और सर्व शिक्षा अभियान, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और बिहार शिक्षा परियोजना के सभी पदाधिकारी (कार्मिक) अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे।