वैशाली में स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल कय्यूम अंसारी एवं परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद का जयंती मनाया गया।

हाजीपुर(वैशाली)अति पिछड़ा मुस्लिम संगठन महुआ के तत्वावधान में शक्ति उत्सव हाॅल पंच मुखी चौक निकट कोल्ड स्टोर में बड़े धूमधाम से स्वतंत्रता सेनानी बाबा ए कौम अब्दुल कय्यूम अंसारी एवं 1965 के भारत पाक जंग के नायक परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद का जन्म दिवस मनाया गया।इस अवसर पर सभी लोगों ने इन दोनो महापुरूषों को श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजली अर्पित किया।कार्यक्रम की शुरूआत कारी जावेद अख्तर फैजी के तिलावत ए कुरान से हुई।वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता उस्मान शाह एवं संचालन एजाज आदिल शाहपुरी ने की।इस कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के तौर पर इन्जीनियर शैलेन्द्र मंडल,राष्ट्रीय अध्यक्ष शहीद रामफल फल विचार मंच,मुख्य वक्ता डॉ. प्रो. हबीबुल्लाह अंसारी एएन सिन्हा समाज शोध संस्थान पटना,विशिष्ट अतिथि डॉ.मोहम्मद शमीम अंसारी,एमडी आसमा अस्पताल महुआ,डॉ. सत्यनारायण शर्मा अध्यक्ष लोहार कल्याण समिति,अशोक राम अध्यक्ष भारतीय रविदास नव निर्माण मंच,वक्ताओं में डॉ. नूर हसन आजाद संयोजक,हेशामुद्दीन अंसारी अति पिछड़ा मुस्लिम संगठन बिहार,प्रो. वायजुल हक,डॉ.मोहम्मद कलीम अशरफ,पातेपुर प्रखंड के राजद अध्यक्ष मकबूल अहमद शहबाजपुरी,डॉ. जाकिर मंसूरी,मास्टर अजीमुद्दीन अंसारी,मास्टर अब्दुल कादिर,मास्टर तजम्मुल हुसैन,राजू वारसी अध्यक्ष इंसाफ मंच वैशाली,अनिल पासवान पातेपुर,गुलाम मुस्तफा नाड़ी खुर्द,बच्चा बाबू पैक्स अध्यक्ष महुआ,मास्टर मोनीरूद्दीन अंसारी,विनोद चौधरी,मोती प्रसाद लोहार मंच आदि ने संबोधित किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि इन्जीनियर शैलेन्द्र मंडल ने कहा कि भारत के मूल निवासी हम अति पिछड़ा ही है।इतिहास गवाह है कि भारत और पाकिस्तान की बात चल रही थी उस वक्त आपात घड़ी में बाबा ए कौम अब्दुल कय्यूम अंसारी के नेतृत्व में चालीस हजार अति पिछड़ा मुस्लिम और अति पिछड़ा हिन्दु वर्ग ने जाकर मुस्लिम लीग के खिलाफ वोट कर वतन परस्ती का सबूत पेश करते हुए भारत के पक्ष में वोट किया और सात सीटों पर जीत हासिल हुई।इसी क्रम में सन 1965 मे भारतीय पाकिस्तान की लड़ाई प्रारंभ हो गई और अमेरिका का पेटेंट टैंक के द्वारा साजिश रच कर इन दोनो देश के प्रति खून खराबा कराने की कोशिश की और इस साजिश को भारत का सपूत उत्तर प्रदेश के गाजीपुर का निवासी परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद ने अमेरिकी सात पेटेंट टैंक को नेस्तनाबूद कर भारत की शान को बरकरार किया और अमेरिका के घमंड को चकनाचूर करते हुए आखिरी टैंक को उड़ाते हुए शहादत का जाम पी लिया।इन्होंने इनके कुर्बानी को सलाम पेश करते हुए अति पिछड़े समाज से कहा कि आप इसी वीरता के साथ देश की रक्षा करने वाले बने तथा उन्होंने कहा कि भारत बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान से चलता है और इस संविधान में संवैधानिक आर्टिकल द्वारा हर वर्ग को आरक्षण दिया गया है।हम अति पिछड़ा समाज बाबा साहब के आरक्षण को समझें और पूर्व में जिस तरह अति पिछड़ा मुस्लिम और अति पिछड़ा हिन्दू ने शान बढाई आज वही समय आ गया है जो हम लोग आपसी भाई चारे को समाज में फैलाएं और चिन्तन करें कि हम राजनीतिक गलियारे के प्रथम पंक्ति में कैसे आएंगे।वहीं मुख्य वक्ता डॉ.प्रो. हबीबुल्लाह अंसारी ने कहा कि वर्तमान सरकार पर आलोचनात्मक शब्द का प्रयोग करते हुए कहा कि एक साजिश के तहत अति पिछड़ा समाज के छात्र एवं छात्राओं को आर्थिक,मानसिक रूप से विकलांग बनाया जा रहा है वो इसलिए कि इन वर्ग के कोई भी बच्चा भविष्य में इंजिनियर,डाक्टर,आइएएस,आईपीएस न बन सकें इसलिए अपने बच्चों को आधी रोटी खाकर भी जरूर पढ़ाएं ताकि इस भारत के संविधान को समझें और अपने अधिकार के लिए समय समय पर अपनी आवाज को बुलंद कर सके।क्योंकि भारत में वही जिन्दा रह सकता जो भारत के संविधान को समझेगा और इस संविधान को बचाएगा क्योंकि आज संविधान को खत्म की करने साजिश हो रही है।वहीं हेशामुद्दीन अंसारी अति पिछड़ा मुस्लिम संगठन बिहार ने कहा कि हमारे समाज को अच्छा कपड़ा,अच्छा मकान,अच्छा दुकान और अच्छा दस्तर खान हो गया लेकिन अफसोस की बात है कि राजनीतिक चेतना अभी तक इस समाज को नहीं मिली जिसके जिम्मेदार हमारा समाज ही है।इस भारत देश मे एक प्रतिशत वाले,दो प्रतिशत वाले,तीन प्रतिशत वाले,चार प्रतिशत वाले इत्यादि यहां के हिस्सेदार बने हैं लेकिन अफसोस की बात है कि चालीस प्रतिशत अति पिछड़ा पूरे भारत देश की आबादी में अकेला है फिर भी हमें बंटाईदार के तरह बने हुए है इसीलिए जब जगा तब सवेरा।आप इस सभा मे संकल्प लें कि इस समाज का पिछड़ेपन को दूर करते हुए एकजुट होकर हम सब भी हिस्सेदार बने।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि इन्जीनियर शैलेन्द्र मंडल के हाथों पत्रकार डॉक्टर मोहम्मद कलीम अशरफ,मोहम्मद शाहनवाज अता,एजाज आदिल शाहपुरी को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का समापन अध्यक्षता कर रहे उस्मान शाह के धन्यवाद ज्ञापन से किया गया।इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुरूष महिलाओं ने शिरकत की।

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