मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेवकास्टिंग द्वारा श्रीनगर में ई-संजीवनी/ टेलीमेडिसिन, अश्विन पोर्टल, वंडर एप व एम्बुलेंस पोर्टल का किया शुभारंभ

हब सेंटर पहुंच कर आसानी से मरीज करा सकते है अपना इलाज

आशा कार्यकर्ताओं को ससमय वेतन मिलने में नही आएगी रुकावट

वंडर एप के माध्यम से गर्भवती महिलाओं पर रखी जायेगी नज़र

पूर्णिया(बिहार)स्वास्थ्य विभाग केयर इंडिया के सहयोग से अनेक तरह के कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है जिसमें नित प्रतिदिन नई नई योजनाओं का शुभारंभ हो रहा है। आज इसी कड़ी में टेलीमेडिसिन सेवा के साथ ही अश्विन पोर्टल, वंडर एप, एम्बुलेंस पोर्टल का शुभारंभ ऑनलाइन के माध्यम से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा किया गया है। जिसके तहत ज़िले के श्रीनगर प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, फरिहानी स्वास्थ्य उपकेन्द्र व अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खुट्टी के हब सेंटर पर टेलीमेडिसिन की सुविधा उपलब्ध हो गई है इस अवसर पर प्रभारी सिविल सर्जन डॉ सुरेंद्र दास, एसीएमओ डॉ एसके वर्मा, डीआईओ डॉ एससी पासवान, डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह, डीएमएनई दीपक कुमार विभाकर, एमओआईसी डॉ मेजर अविनाश कुमार, डॉ कुतुब राही, बीएचएम शिवेंद्र कुमार, बीसीएम धर्मेंद्र कुमार, लेखपाल सुरेंद्र कुमार सुमन, एएनएम फ़रिहानी में मंजू श्रीवास्तव व शांति कुमारी जबकि खुट्टी हसैली में रश्मि कुमारी व सुनीता कुमारी सहित आईसीटी के रीज़नल कोऑर्डिनेटर कमलेश चंद्रा, आईसीटी के दीपसेन, चंदन कुमार, मनीष कुमार, नितय सरकार व रूपेश कुमार सहित कई अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।


हब सेंटर पहुंच कर आसानी से मरीज करा सकते है अपना इलाज: प्रभारी सीएस 
प्रभारी सिविल सर्जन डॉ सुरेंद्र दास ने बताया नाम के अनुसार संजीवनी एप सेवा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए एक वरदान साबित होगा। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग खासकर वैसे क्षेत्रों में जहां पर आवागमन के लिए सुगम परिवहन व्यवस्था नहीं है वहां के निवासियों के लिए एक बेहतर विकल्प होगा। टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से श्रीनगर प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, फरिहानी स्वास्थ्य उपकेन्द्र व अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खुट्टी के हब सेंटर पहुंचकर टेलीमेडिसिन सुविधा के माध्यम से अपने विभिन्न रोगों से संबंधित चिकित्सकों से रूबरू होते हुए उचित सलाह ले सकेंगे साथ उन्हें टेलीमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सक उचित दवा लिखेंगे। इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज़ों को ज़िला स्तरीय अस्पताल, अनुमंडलीय या किसी बड़ेअस्पतालों में जाने की आवश्यकता नही पड़ेगी।
आशा कार्यकर्ताओं को ससमय वेतन मिलने में नही आएगी रुकावट: डीपीएम
ज़िला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि के लिए स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता था जिससे समय की बर्बादी होती थी। जबकि उतने समय में वे सभी अपने मनोभाव से कार्यो का निष्पादन आसानी से कर सकती हैं। राज्य सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन राशि के भुगतान के लिए ई-अश्विन पोर्टल लांच किया है। आशा कार्यकर्ताओं को अब अश्विन पोर्टल के माध्यम से अपने द्वारा किए गए कार्यों का ब्यौरा अपने से ही अपलोड करना होगा। जिससे ससमय वेतन का भुगतान हो जाएगा। 
संचार क्रांति के क्षेत्र में कारगर साबित होगा ई-संजीवनी एप पोर्टल:
आलोक पटनायक ने बताया ई-संजीवनी पोर्टल, अश्विन पोर्टल, वंडर एप और रेफेरल ट्रांसपोर्ट ट्रैकिंग सिस्टम का शुभारम्भ किया गया हैं। ई-संजीवनी पोर्टल द्वारा चिकित्सा क्षेत्र में शुरू हुई इस नवीन व्यवस्था के अंतर्गत सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को जिले के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवायें मिलनी शुरू हो जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के रोगियों को बड़ी बीमारियों के परामर्श के लिए बड़े-बड़े शहरों में जाना पड़ता था, जिससे उनका समय और रुपये पैसों का बोझ बढ़ता था उस समय और आर्थिक बोझ को बचाने के उद्देश्य से टेलीमेडिसिन जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है।
वंडर एप के माध्यम से गर्भवती महिलाओं पर रखी जायेगी नज़र: डीएमएनई
डीएमएनई दीपक कुमार विभाकर ने बताया गर्भवती महिलाओं की देखभाल के लिए वंडर एप की लॉन्चिंग की गई है। यह एप गर्भवती महिलाओं की चिकित्सकीय व लैब रिपोर्ट एक यूनिक कोड के साथ सुरक्षित करता है। संबंधित महिलाओं की रिपोर्ट नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में होती है। मोबाइल से इसके कनेक्ट रहने के साथ जैसे ही गर्भवती महिला आपात स्थिति में स्वास्थ्य केंद्र पहुंचती है तो मौके पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मी वंडर एप में सूचना दर्ज करते हैं, वैसे ही उच्च चिकित्सा संस्थान को अलर्ट मैसेज आता है। इससे तत्काल इलाज व मार्गदर्शन उपलब्ध होता है। 

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