स्कूली बच्चों को भरपेट खाना खिलाने वाली”रसोईया”भूखमरी की शिकार

चार माह से बगैर तनख्वाह के जीवन गुजारने को मजबूर है रसोइया

माह ए रमज़ान का महीना भी गुजर रहा सूना,सूना

वैशाली(न्यूज डेस्क)स्कूली बच्चों को दोपहर का भोजन भरपेट खिलाने वाली रसोईया आज खुद भूखमरी की शिकार है।बीते चार माह से तनख्वाह नहीं मिला है।जिस कारण जिंदगी गुजारना भी मुश्किल हो रहा है।एक तरफ हड़ताली शिक्षकों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है तो दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों में बहाल मध्याह्न भोजन परोसने वाली रसोईया को भी दोहरी मार मार रही है।जिले की सैंकड़ों रसोईया इन दिनों “लाॅकडाउन” की मार झेल रही है तो घर में भूखमरी की भी।इनके सामने अब तो खाना-पीना भी एक समस्या की तरह हो गया है।माह ए रमज़ान के बावजूद इन लोगों का घर सूना-सूना हो गया है।रेहाना खातून,यास्मीन प्रवीण आदि रसोईया ने बताया कि फरवरी महीना से ही हड़ताल के कारण स्कूल बंद है और फिर कोरोना संकट के कारण लाॅकडाउन हो गया।घर बैठे दिन नहीं कट रहा और तनख्वाह बंद होने से जिंदगी भी नहीं कट रही।वहीं रोजाना घरेलू खर्च बढ़ता ही जा रहा है।न चाहते हुए भी ईद को लेकर बच्चे की खुशी को मारना मुश्किल है।हर घर के बच्चे को देख हमारे बच्चे भी जिद करने लगे है।वहीं बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ वैशाली के जिलाध्यक्ष उत्पलकांत ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द रसोईयों के समस्या को दूर करने के साथ-साथ तनख्वाह देने पर काम करने की जरूरत है।वैसे यह भी बता दें कि रसोईया में बहाल अधिकांश वे महिला हैं जो विधवा,निहायत गरीब हैं।अब तो रसोईयों के जुबान से बस यही निकल रहा है कि …..और कितना हमें बर्बाद करोगे साहब।
रिपोर्ट व फोटो मोहम्मद शाहनवाज अता

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