शैक्षिक महासंघ छोड़ परिवर्तनकारी के वरीय सचिव बने नवनीत

शिक्षकों की विभिन्न समस्या को लेकर बैठक

कोरोना संकट में कार्य करने वाले शिक्षक को नगद राशि नहीं दिए जाने की निंदा

हाजीपुर(वैशाली)परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ, के जिला इकाई वैशाली कार्यकारिणी की बैठक संघ कार्यालय हाजीपुर में हुआ। जिसमें सभी पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में नए आगंतुक शिक्षक नेता नवनीत कुमार का सभी सदस्यों द्वारा स्वागत किया गया। जो बिहार राज शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति वैशाली जिला के सह संयोजक हैं और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्राथमिक सदस्यता एवं पद से इस्तीफा देकर परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ में आस्था और विश्वास रखते हुए अपने सैकड़ो शिक्षक कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए। इनके द्वारा बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति वैशाली में कर्मठता एवं कार्य कुशलता को देखते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री बंशीधर ब्रजवासी ने श्री नवनीत कुमार को जिला वरीय सचिव के पद पर मनोनीत किया। उपस्थित सभी शिक्षक नेताओं ने इस कार्य के लिए अपने प्रदेश अध्यक्ष एवं नए वरीय सचिव को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दिया।जिला के वरीय सचिव नवनीत कुमार हर्ष व्यक्त करते हुए कहा की दिए गए दायित्व को पूर्ण निष्ठा पूर्वक निभाएंगे और शिक्षकों की मांगों को समय समय पर सरकार के समक्ष मजबूती से रखेंगे।उक्त अवसर पर जिला अध्यक्ष दिनेश पासवान ने कहा कि बिहार सरकार मात्र घोषणा करके शिक्षकों का वेतन सुर्खियां बनाती है एवं इनके पदाधिकारियों के मनमानी के कारण वेतन के अभाव में नियोजित शिक्षक विगत 6 माह से भूखे मरने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि ईद जैसे बड़े पर्व में भी वेतन भुगतान नहीं किया गया। बिहार सरकार एक ओर पर्व में मई का एडवांस वेतन के लिए पत्र निर्गत करती है और दूसरी ओर इनके पदाधिकारी कहते हैं एलॉटमेंट नहीं है। जो काफी खेद का विषय है।बैठक में उपस्थित जिला महासचिव झुनिलाल पंकज, कोषाअध्यक्ष इंद्रदेव महतो, संयोजक मनोवर अली नूरानी, सचिव अब्दुल कादिर, सीमा कुमारी, नागमणि राय, उपाध्यक्ष रूबी राय, विमल किशोर राय, जिला सोशल मीडिया प्रभारी मुकेश प्रीतम, अरविंद केजरीवाल, प्रखंड अध्यक्ष हाजीपुर राजू रंजन चौधरी, संयोजक अमरेंद्र कुमार, विकास रोशन आदि शिक्षक नेताओं ने कहा कि यदि सरकार नियोजित शिक्षकों के प्रति संवेदनशील रहती तो जिले को अलॉटमेंट जारी करना चाहिए यदि है, तो वेतन नहीं करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही शिक्षक नेताओं ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि क्वारेंटाइन केंद्र पर दिन-रात बिना कोई सुरक्षा कीट के कार्य करने वाले नियोजित शिक्षकों को विभागीय पत्र के आलोक में ₹350 नगद राशि अल्पाहार एवं भोजन के लिए अभी तक नहीं दिया गया जो काफी निंदनीय है।
रिपोर्ट व फोटो मोहम्मद शाहनवाज अता

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