सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए सीवान डीएम ने समीक्षात्मक बैठक की

बैठक करते डीएम अमित कुमार पांडेय


सीवान(बिहार)समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में बुधवार को सुखाड़ संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी। इसमें लघु जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव सह प्रभारी सचिव परमार रवि मनुभाई ने हिस्सा लिया। उन्होंने अनियमित मानसून से उत्पन्न सुखाड़ जैसी स्थिति की समीक्षात्मक की। इसमें उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को हर संभव मदद की जाए।उनके सीवान पहुंचने पर समाहरणालय परिसर में गार्ड ऑफ आर्नर भी दिया गया। अपर मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान सारण नहर प्रमंडल सीवान, महाराजगंज एवं मैरवा की समीक्षा की। कार्यपालक अभियंता नहर प्रमंडल सीवान द्वारा बताया गया कि वाल्मीकि नगर से पानी बंद होने के कारण नहरों में पानी कम हो गया है तथा खालिसपुर उप वितरणी में अंतिम बिंदु तक पानी नहीं जा पा रहा है। कार्यपालक अभियंता महाराजगंज द्वारा बताया गया कि सभी उप वितरणी में अंतिम बिंदु तक पानी जा रहा है। कार्यपालक अभियंता सारण नहर प्रमंडल मैरवा द्वारा बताया गया कि 75 आरडी में 35 आरडी तक ही पानी जा पा रहा है लेकिन टेल एंड तक पानी नहीं जा रहा है। प्रभारी सचिव ने नहरों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के सम्बन्ध में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। मौके पर जिलाधिकारी अमित कुमार पांडेय, जिला कृषि पदाधिकारी जयराम पाल,जिला पंचायत राज पदाधिकारी राज कुमार गुप्ता,जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रदीप कुमार, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शशिकांत प्रकाश,जिला सहकारिता पदाधिकारी निकेश कुमार,अनुमंडल कृषि पदाधिकारी शत्रुघ्न साहू, मनोहर प्रसाद सहित अन्य मौजूद रहे।

डीजल अनुदान के लिए अब तक प्राप्त किए गए 891 ऑनलाइन आवेदन
बताते चले कि समीक्षा के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी जयराम पाल ने वर्षापात आच्छादन एवं डीजल अनुदान वितरण के सम्बन्ध में सभी उपस्थित पदाधिकारी को जानकारी से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि विगत 10 दिनों से अच्छी बारिश होने के कारण खरीफ फसलों में धान का आच्छादन 73 % तथा मक्का का आच्छादन 88 % हुआ है। डीजल अनुदान वितरण हेतु किसानों से ऑनलाईन आवेदन 29 जुलाई से डीबीटी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किये जा रहे हैं। अबतक कुल 891 ऑनलाइन आवेदन जिलान्तर्गत प्राप्त हुआ है। धान एवं मक्का आदि खरीफ मौसम की फसलों की सिंचाई हेतु 80 रूपये लीटर की दर से 800 रूपये एकड़ प्रति सिंचाई डीजल अनुदान देय है। धान के बिचड़ा की सिंचाई हेतु 800 रुपये प्रति एकड़ की दर से अधिकतम 2 सिंचाई के लिए अनुदान देय है, वहीं खड़ी फसल धान एवं मक्का आदि की सिंचाई हेतु 600 रुपये प्रति एकड़ की दर से अधिकतम 3 सिंचाई के लिए अनुदान देय है। सभी फसलों को मिलाकर अधिकतम 8 एकड़ प्रति किसान अनुदान देय है। इसके अतिरिक्त जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा अपर मुख्य सचिव को अवगत कराते हुए बताया गया कि आकस्मिक फसल योजना अंतर्गत 300 क्विंटल तोरिया तथा 100 क्विंटल अरहर बीज की मांग कृषि निदेशालय से की गई है। यदि कुछ किसानों का खेत खाली रह जाता है तो उस क्षेत्र में इस बीज का प्रयोग किया जायेगा। मौसम परिवर्तन के अनुसार आवश्यकतानुसार पुनः बीज की मांग की जा सकती है। जिले में उर्वरक की उपलब्धता की समीक्षा की गई, जिसके दौरान जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि वर्तमान समय में जिले में उर्वरक की कोई समस्या नही है।

अविलंब नलकूप चालू कराने का दिया गया निर्देश

प्रभारी सचिव द्वारा कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई को निदेश दिया गया कि विद्युत दोष से बंद सभी नलकूप को अविलंब चालू कराया जाय तथा इसकी सूची बनाकर जिला पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। कार्यपालक अभियंता विद्युत के द्वारा बताया गया 51 नलकूप विद्युत दोष से बंद है तथा वर्तमान में विद्युत की स्थिति ठीक है। स्वचालित वर्षामापी यंत्र की समीक्षा के दौरान जिला सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले के 293 पंचायतों में एआरजी की स्थापना कर ली गई है। वर्तमान में पुराने वर्षामापी यंत्र से ही वर्षापात के आंकड़ों का संग्रहण किया जा रहा है। सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि बिहार राज्य फसल सहायता योजना अंतर्गत खरीफ 2022 हेतु ऑनलाइन आवेदन सृजित किये जा रहे हैं। प्रभारी सचिव द्वारा जिला कृषि पदाधिकारी तथा जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि संयुक्त प्रयास से योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों को दी जाय तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय।

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