हिंदी विश्वविद्यालय में 21 जून को होगा अटल बिहारी वाजपेयी, स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण

राज्यपाल माननीया आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, विधायक रामेश्वर शर्मा करेंगे ऑनलाइन अनावरण

भोपाल मध्यप्रदेश

अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय द्वारा कल सोमवार शाम पांच बजे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी एवं युगांतकारी युवाओं के प्रणेता स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम होने जा रहा है । ऑनलाइन आयोजित होने जा रहे इस गरिमामयी आयोजन की अध्यक्षता मध्यप्रदेश एवं उत्तरप्रदेश की राज्यपाल माननीया श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा की जाएगी । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रमुख अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, विशिष्ट अतिथि हुजूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री रामेश्वर शर्मा होंगे।

प्रखर वक्ता, शिक्षाविद् कुलपति प्रो. रामदेव भारद्वाज के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हिंदी विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक स्वर्णिम क्षण होगा, क्योंकि प्रतिमा अनावरण में दोनों महापुरुषों की प्रतिमा हिंदी विश्वविद्यालय के स्वयं के कैंपस मुगालिया कोट में स्थापित हुई हैं । उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व विश्वविद्यालय पुरानी विधानसभा, भोज मुक्त विश्वविद्यालय, कोलार के सरकारी कॉलेज में संचालित हो रहा था, लेकिन अब विदिशा रोड सूखी सेवनिया के पास स्थित ग्राम मुगालिया कोट में विश्वविद्यालय का स्वयं का भवन बनकर तैयार हो चुका है,  जहां पर अध्ययन, अध्यापन एवं प्रशासकीय कार्य सुचारु रुप से सम्पन्न हो रहे हैं । विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक पांच कुलसचिव रह चके हैं, लेकिन कुलपति प्रो. रामदेव भारद्वाज ने कार्य की प्रगति में कोई कमी नहीं आने दी और आज कैंपस में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए आवास भी बनकर तैयार हैं ।

आशा रेपरेट्री और द एक्टर्स स्पेस एन एक्टिंग स्कूल के सँयुक्त तत्वाधान में 20 दिनों के वर्चुअल एक्टिंग वर्कशॉप

समस्त विधाओं का अध्ययन, अध्यापन, अनुसंधान मातृभाषा हिंदी में

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भी मातृभाषा में शिक्षा पर जोर दिया गया है । हिंदी विश्वविद्यालय प्रदेश ही नहीं, अपितु देश का एक मात्र अनूठा विश्वविद्यालय है, जहाँ ज्ञान-विज्ञान की समस्त विधाओं का अध्ययन, अध्यापन और अनुसंधान मातृभाषा हिंदी में ही होता है । अभियांत्रिकी, आयुर्विज्ञान,परा-चिकित्सा का अध्ययन शीघ्र ही आरम्भ होना प्रस्तावित है । योग,पंचकर्म, प्राकृतिक चिकित्सा,कला,विज्ञान,वाणिज्य,व्यावसायिक पाठ्यक्रम अभी संचालित है । भारतीय वाङ्गमय एवं ज्ञान परम्परा पर आधारित पाठ्यक्रम संरचना में है ।

आत्मनिर्भर विश्वविद्यालय की दिशा में अध्ययन केन्द्रों की स्थापना

विश्वविद्यालय नई संकल्पनाओं के साथ प्रगति कर रहा है  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्म निर्भर भारत के संकल्प के साथ “आत्म निर्भर विश्वविद्यालय” की दिशा में विश्वविद्यालय ने विभिन्न अध्ययन केन्द्रों की स्थापना कर अनेक स्वरोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का सृजन एवं शुभारंभ किया है । ये पाठ्यक्रम मानव संसाधन विकास मंत्रालय, वर्तमान में केंद्रीय उच्च शिक्षा विभाग, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग एवं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर निर्दिष्ट कार्य-योजनाओं के अंतर्गत मूक्स,स्वयं, स्टार्टअप,मेक इन इंडिया, इंक्यूवेशन सेंटर,की योजनाओं को मूर्त रुप देने के लिए संचालित किए जा रहे हैं।

जय प्रकाश विश्वविद्यालय में शिक्षक संघ को सक्रिय करने की सुगबुगाहट होने लगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *