पूजा-पाठ का काम करने वाले राशन मिलने की लाइन में खड़े नहीं हो सकते – भाजपाध्यक्ष पूनियां

राज्यस्थान(जयपुर)कोरोना महामारी के इस मुश्किल दौर में स्थितियों को सामान्य बनाने के लिए जहाँ सभी अपना अपना योगदान दे रहे हैं वहीं कुछ सियासतगार समाज में असमानता को बढ़ावा देने की पुरजोर कोशिस में लगे हुए है। इसका एक उदहारण देखने को मिला राजस्थान भाजपाध्यक्ष सतीश पूनियां के विचारों में। गुरुवार 21 मई 2020 को रात 8 बजे राजस्थान भाजपाअध्यक्ष और आमेर विधायक सतीश पूनियां के आधिकारिक फेसबुक पेज से जो पोस्ट हुआ उसे हम यहाँ दे रहे हैं।
“वह लोग जो पूजा-पाठ का काम (पांडित्य कार्य) करते हैं और आर्थिक रूप से कमजोर है, वह उस स्वाभिमान के साथ तो उस लाइन में तो खड़े नहीं हो सकते जहां राशन बटता है इसलिए उनको संबल देने के लिए सामाजिक सहभागिता के जरिये आर्थिक मदद शुरू करने का अभियान जयपुर समेत प्रदेश के समस्त जिलों में चलाया जा रहा है।”
इसके साथ ही एक वीडिओ भी यहाँ पोस्ट किया गया था, जिसमे पूनियां कुछ लोगों को पैसे बांटते हुए नज़र आये। इस पोस्ट का उद्देश्य क्या रहा होगा यह तो राजस्थान भाजपाध्यक्ष और आमेर विधायक सतीश पूनियां ही बता सकते हैं लेकिन इस पोस्ट से इतना तो जरूर साफ़ है कि जो लोग पूजा-पाठ का काम करते हैं वे सरकार द्वारा सहायतार्थ मिल रहे राशन कि लाइन में लगकर राशन नहीं ले सकते यह उनके स्वाभिमान को चोट पहुँचाता है या इस पोस्ट का सीधा अर्थ यह है की वे लोग जो राशन की लाइन में खड़े हैं वो स्वाभिमानी तो बिलकुल नहीं है। जो भी हो कोरोना महामारी के इस काल में सभी को एकजुट रहने की जरुरत है और इस तरह के विचारों को ज्यादा तूल ना देने की भी।

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