भिखारी ठाकुर के 49 वीं पुण्यतिथि पर लोक-धुन महोत्सव आयोजित

सारण(बिहार)भिखारी ठाकुर के 49वीं पुण्यतिथि के अवसर पर भिखारी ठाकुर रंगमंडल प्रशिक्षण एवं शोध केंद्र (छपरा) द्वारा आयोजित 3 दिवसीय ‘वर्चुअल लोक-धुन महोत्सव’ के तीसरे दिन भी कलाकारों ने एक से बढ़ कर एक लोकगीत गा कर दर्शकों का मन मोह लिया। तीसरे दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ लोकगायिका मनीषा श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने एक घंटे के अपने लाइव कार्यक्रम में भोजपुरी के कई गीत गए। दूसरा कार्यक्रम भोजपुरी की प्रसिद्ध गायिका देवी का था। देवी मुंबई से अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए भिखारी ठाकुर के गीतों को प्रस्तुत किया। अंतिम प्रस्तुति दिल्ली से सरिता साज़ की थी। सरिता साज़ ने भिखारी ठाकुर, महेन्द्र मिश्र, कबीर सहित अनेक कजरी, पूर्व, सोहर आदि गीतों को नाल और हारमोनियम के साथ प्रस्तुत कर समा बाँध दिया। सरिता साज़ के गीत ‘अँगूरी में डँसले बिया नगिनिया रे’ को लोगों ने खुब पसंद किया। सरिता साज़ ने अपने कार्यक्रम का आग़ाज़ भिखारी ठाकुर के मंगलाचरन से किया। महोत्सव के निर्देशक जैनेन्द्र दोस्त ने कहा कि यह महोत्सव भिखारी ठाकुर को एक श्रधांजलि है। जैनेन्द्र दोस्त ने कहा कि इस महोत्सव से दर्शकों का जुड़ाव यह बताता है कि आज भी लोग साफ़-सुथरे लोकगीतों से कितना प्यार करते हैं। जैनेन्द्र दोस्त ने कहा कि आगे भी इस तरह का कार्यक्रम हम करते रहेंगे। लोक-धुन महोत्सव का यह आख़िरी दिन था। निर्देशक जैनेन्द्र दोस्त ने आभार ज्ञापन करते हुए लोक संस्कृति से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

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