महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में आखिर खत्म हुई छात्राओं की भूख हड़ताल

रोहतक मदवि कुलपति महोदय ने मानी भूख हड़ताल पर बैठी छात्राओं की सभी मांगें। मदवि कुलसचिव गुलशन तनेजा व DSW राजकुमार ने छात्राओं को जूस पिलाकर विधिवत तरीके से भूख हड़ताल का समापन किया।

आज के घटनाक्रम का पूरा विवरण

आज महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में छात्राओं किरन और मोनिका द्वारा की गई अनिश्चितकालीन भुख हड़ताल का तीसरा दिन था।

सुबह 7:30 बजे कुलपति महोदय भुख हड़ताल स्थल पर स्थाई सुरक्षा कर्मचारियों के साथ आते हैं। और सुरक्षा कर्मचारियों को भुख हड़ताल पर बैठे साथियों को उठाने का आदेश देते हैं। उसके बाद सुरक्षा कर्मचारी जबरदस्ती धरना स्थल के पोस्टर फाड़ते हैं। और छात्रों के साथ हाथापाई करते हैं।धरना स्थल का सारा सामान गद्दे व तिरपाल को उठाकर एक कमरे में लोक कर देते हैं। उसके बाद कुलपति महोदय के साथ बहस होती हैं। जब छात्र विडियो बनाने लगते हैं। तब बचाव करते हुए कुलपति महोदय वहां से चले जाते हैं। उसके बाद वहाँ सैकड़ों विद्यार्थी इकट्ठे हो जाते हैं। और प्रशासन के तानाशाही रवैये के खिलाफ नारेबाजी करते हैं। उसके बाद 11 बजे विद्यार्थी भुख हड़ताल स्थल से इकट्ठा होकर नारेबाजी करते हुए कुलपति ऑफिस जाते है। वहां पहुंचकर पहले से ही मौजूद विद्यार्थियों के साथ मिलकर वी. सी. साहब बाहर आओ के नारे लगाते हैं। कुछ समय बाद कुलपति महोदय बाहर आते और विद्यार्थियों कि बात सुनते हैं। विद्यार्थी अपनी मांगों को रखते हैं। कुलपति महोदय सभी मांगों को मान लेते हैं।
जो इस प्रकार थी।

DSW राजकुमार ने छात्राओं को जूस पिलाकर विधिवत तरीके से भूख हड़ताल का समापन किया

LLM (Evening) Course के सभी विद्यार्थियों को बिना किसी शर्त के हॉस्टल दिए जाएं।

Double PG Course के सभी विद्यार्थियों को बिना किसी शर्त के हॉस्टल दिया जाए।

पुरुष छात्रावास में परिवार की फोटो लेने का नियम रद्द किया जाए।

अभिभावकों को लाने की अनिवार्यता खत्म की जाए।

कुलपति महोदय ने विद्यार्थियों की सभी मांगों को मान लिया हैं। और यह सुनिश्चित किया कि मंगलवार तक सभी हॉस्टलों व विभागों में नोटिस निकालकर भेज दिया जाएगा। और मंगलवार से सभी को हास्टल मिलने शुरू हो जाएगे।
इसके बाद विद्यार्थी दोबारा भुख हड़ताल स्थल पर आ जाते हैं। वहा पहुँचकर मदवि कुलसचिव गुलशन तनेजा व DSW राजकुमार ने छात्राओं को जूस पिलाकर विधिवत तरीके से भूख हड़ताल का समापन किया।

उसके बाद किरन ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि गलत के खिलाफ एक होकर खड़ा होना सिखिए। प्रशासन आपकी जरूर सुनेगा। उसके बाद मोनिका ने सभी छात्र-छात्राओं को जित की बधाई दी व मिडिया के साथियों का भी शुक्रिया अदा किया।

भूख हड़ताल पर बैठने के ये थे कारण
पहला कारण
भूख हड़ताल पर बैठी किरन ने बताया की वो LLM इवनिंग की स्टूडेंट है और उसकी class रात के 8 बजे तक लगती हैं, और LLM EVNING में वो अकेली लड़की है जिसने हॉस्टल के लिए फॉर्म भरा था, लेकिन ये कहकर उनके फॉर्म को रिजेक्ट कर दिया गया की उनकी दुरी 30 km से कम है, लेकिन सवाल ये है कि रात के 8 बजे के बाद लड़की कहाँ पर जाएगी, इस मामले को लेकर हम कई बार VC , Registrar, और Chief Warden से मिल चुकी हैं लेकिन हर बार बहाने बनाकर हमें चक्कर लगवाए जा रहें हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है, इसलिए हमने भूख हड़ताल पर बैठने का फैसला किया है,

दूसरा कार

दूसरा कारण है डबल M. A. में पढ़ने वाली छात्राओं को हॉस्टल न देने का, भूख हड़ताल पर बैठी मोनिका जो कि M.A. पत्रकरिता विभाग की छात्रा है जो भिवानी जिले के एक गांव से आती हैं जो की 120km दुरी पर है लेकिन उसको डबल PG का नियम दिखा कर हॉस्टल देने से रोका जा रहा है, अब उनका सवाल है की हर रोज वो 120 km से कैसे आये या फिर पढ़ाई छोड़ कर चली जाए,
इसलिए बहुत चक्कर काटने के बाद आखिरकार नियम खत्म करवाने के लिए भुख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।

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