Homeदेशमहर्षि दयानंद विश्वविद्यालयविश्वविद्यालयहरियाणा

छात्र-छात्राओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर V.C के नाम OSD को ज्ञापन सौंपा

महर्षि दयानंद विश्वविधालय (रोहतक) की संयुक्त छात्र संघर्ष समिति द्वारा मदवि के छात्र-छात्राओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर V.C के नाम OSD को ज्ञापन सौंपा।

समिति मे छात्र एकता मंच, SFI, CYSS, और AIDSO घटक संगठन के तौर पर शामिल है। समिति ने कैम्पस की समस्याओं को चिन्हित कर उनकी तरफ प्रशासन का ध्यान दिलाने के लिए यह कदम उठाया है।
समिति प्रशासन के गैरजिम्मेदार रवैये की भी कड़ी आलोचना करती है। प्रशासन के पास अन्य उत्सवों मे खर्च करने के लिए समय व पैसा बहुत है। लेकिन छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान के लिए उनके पास ना समय है और ना ही पैसा।
इसलिए संघर्ष समित जल्द से जल्द इन समस्याओं के समाधान की उम्मीद करती है। अगर समाधान नही होता है तो मदवि के छात्र-छात्राएं आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

मांगे:-

  • हॉस्टल परिसर में साफ सफाई का ध्यान रखा जाए व हर कमरे में ट्यूबलाइट व पंखे उपलब्ध कराए जाए।
  • लैब में सभी उपकरण व केमिकल उपलब्ध कराए जाएं।
  • विभागों में खाली पड़े पदों पर स्थाई प्रोफेसर नियुक्त किए जाएं।
  • सभी कैटेगरी की स्कॉलरशिप समय पर दी जाए वह इस वर्ष के स्कॉलरशिप के फॉर्म निकाले जाएं।
  • रिजल्ट में होने वाली गड़बड़ियां बंद की जाए।
  • बैकलॉग को भरा जाए।
  • सेंट्रल पार्किंग कि व्यवस्था कि जाए।
  • हेल्थ सेंटर को 24 घंटे खुला रखा जाए व कैम्पस में मेडिकल स्टोर खोला जाए।
  • कैंपस में बढ़ रहे नशे पर रोक लगाई जाए।
  • इंटर डिपार्टमेंट खेल प्रतियोगिताएं कराई जाएं।
  • यूनिवर्सिटी द्वारा जारी की गई रेट लिस्ट सभी कैंटीन व बूथ पर लागू करायी जाए।
  • सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन को विभाग में रखा जाए व उसकी नियमित देखरेख की जाए।
  • ई-रिक्शा की संख्या बढ़ाई जाए।
  • यूनिवर्सिटी जिम की फीस को सस्ता किया जाए और उसे व्यवस्थित किया जाए।
  • पिछले 3 साल से बंद पड़े स्विमिंग पूल को चालू किया जाए।
  • रि-चेकिंग व री-वैल्यूएशन के रिजल्ट देने की समय सीमा कम की जाए।
  • सरकारी कैंटीन को व्यवस्थित किया जाए।
  • URS को बढ़ाया जाए।
  • मदवि द्वारा पीजीआई को दी गई जमीन व फंड का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए।
  • झज्जर रोड के दूसरी तरफ वाली जमीन पर यूनिवर्सिटी कॉलेज खोला जाए।
  • SFS कोर्स की जगह पर सरकारी कोर्स शुरू किया जाए।
  • रिफंडेबल लाइब्रेरी सिक्योरिटी फीस घोटाले की जांच की जाए व सभी छात्र-छात्राओं की फीस रीफंड की जाए।