उत्तर प्रदेश में योगी की सरकार अपने प्रतिद्वंदियों के खिलाफ गैर कानूनी कार्रवाई कर रही है: पप्पू यादव

विकास दुबे के एनकाउंटर की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश जस्टिस चंद्रचूड़ की निगरानी में हो: पप्पू यादव


सीवान के सैकड़ों राजद कार्यकर्ता ने पप्पू यादव जताई आस्था

पटना(बिहार)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जातिवाद का आरोप लगाते हुए जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि, मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही योगी आदित्यनाथ ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ गैर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। पूरे उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज को निशाना बनाकर 400 से ज्यादा एनकाउंटर किए गए हैं। उन्होंने अपनी जाति के अपराधियों को बेलगाम छोड़ दिया है। क्या उत्तर प्रदेश में उनके जाति का कोई अपराधी नहीं है? उक्त बातें पप्पू यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही।

विकास दुबे के एनकाउंटर पर पप्पू यादव ने कई सवाल खड़े किए । उन्होंने कहा कि, अगर विकास दुबे भागने की कोशिश कर रहा था तो सीने में गोलियां कैसे लगी? वह टाटा सफारी गाड़ी में सवार था लेकिन जो गाड़ी पलटी वह महिंद्रा की थी। गाड़ी अगर फिसल कर पलटती तो सड़क पर टायर के फिसलने की निशान होते लेकिन घटना वाली स्थान पर ऐसा कोई निशान नहीं पाए गए हैं। साथ ही मीडिया को भी टोल प्लाजा पर ही रोक दिया गया। इन सब से यही साबित होता है कि विकास दुबे का एनकाउंटर एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया। विकास दुबे भाजपा के कई मंत्रियों की पोल खोलने वाला था। इससे भाजपा सरकार गिर भी सकती थी। इसलिए पोल खुलने से पहले ही उसे हमेशा के लिए चुप करा दिया गया। उसके घर को भी गैर कानूनी ढंग से गिरा दिया गया। उसकी पत्नी और बच्चे के साथ दुर्व्यवहार किया गया और रिश्तेदारों को भी जानबूझकर एनकाउंटर में मार दिया गया।

एनकाउंटर की न्यायिक जांच की मांग करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि, “सजा देने का अधिकार सिर्फ और सिर्फ न्यायपालिका को है। मैं उच्चतम न्यायालय से अपील करता हूं कि कोर्ट इस एनकाउंटर का स्वतः संज्ञान लें और इसकी न्यायिक जांच करे। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस चंद्रचूड़ की निगरानी में सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस काटजू, जस्टिस चेलमेश्वर और जस्टिस लोकुड़ के द्वारा जांच होनी चाहिए।”

बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए जाप अध्यक्ष ने कहा कि, “कोरोना काल में 8,400 करोड़ रुपए खर्च किए गए लेकिन आम जनता को कोई राहत नहीं मिली। पूरे खर्च की जांच होनी चाहिए. एक तरफ कोरोनावायरस महामारी है और दूसरी तरफ बाढ़ का कहर, फिर डिजिटल रैली क्यों हो रही है? अस्पताल में वेंटिलेटर और आईसीयू वार्ड नहीं है लेकिन सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है।”

अंत में उन्होंने कहा कि, “यदि बिहार में हमारी सरकार बनती है तो हम अपराधियों से सख्ती से निपटेंगे। हम स्पेशल टास्क फोर्स और स्पेशल कोर्ट स्थापित करेंगे और एक सप्ताह में चार्जशीट और छः महीने में सजा का प्रावधान करेंगे।“

इससे पहले पप्पू यादव और प्रेमचंद्र सिंह के नेतृत्व में सिवान राजद के नेता फ़िरोज़ आलम, मो. इक्तेखार आलम, अजय यादव, रविन्द्र यादव, मो. मोतिकर रहमान, मो. वासिम रज्जा समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जन अधिकार पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर राष्ट्रीय महासविच राजेश रंजन पप्पू और अवधेश लालू के साथ अन्य नेतागण मौजूद रहें।

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