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रजनी प्रिया अगर सरकारी गवाह बनने के लिए तैयार हुई तो,CBI के अगले निशाने पर नीतीश कुमार होंगे

सृजन घोटाला:बिहार का सबसे बड़ा घोटाला कहा जाता है

चारा घोटाला 900 करोड़ का था, यह 2500 करोड़ का घोटाला है। 2017 में ही CBI को इसकी जांच का काम दे दिया गया। चूकि इसमे बड़े-बड़े राजनीतिज्ञ शामिल हैं, राजनीतिक दवाब में CBI भी धीमी गति से मामले की जांच कर रही थी, 6 साल में यहां तक मामला पहुंचा है। हाल ही में इस मामले में रजनी प्रिया की गिरफ्तारी हुई है।

पूर्व आईपीएस अमिताभ दास ने कहा कि NGO की संस्थापिका मनोरमा देवी, जो कि अब इस दुनिया में नहीं रहीं। रजनी प्रिया उनकी पुत्र वधु हैं, जो कि CBI के गिरफ्त में हैं। रजनी प्रिया ने गिरफ्तारी के बाद कहा कि उसके पति अमित कुमार की मौत हो चुकी है। CBI को रजनी प्रिया के पति की मौत मामले की भी जांच करनी चाहिए।

अमिताभ दास ने कहा कि मेरे सूत्रों ने बताया कि CBI ने रजनी प्रिया से काफी लंबी पूछताछ की है। यहां तक के उन्हें सरकारी गवाह बनने का भी ऑफर दिया गया है। अगर वह सरकारी गवाह बनती है तो जांच एजेंसी उसपर नर्मी बरतेगी, कोर्ट भी उसे कम सज़ा देगी। रजनी प्रिया शायद तैयार हो गई है।

रजनी प्रिया अगर सरकारी गवाह बनने के लिए तैयार हुई तो,CBI के अगले निशाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे। देश में जिस तरह की फिज़ा है, नीतीश कुमार विपक्षी एकता को मज़बूत करने में जुटे हैं। इसलिए वह भाजपा के निशाने पर भी हैं।

CBI तो भाजपा के कहने पर ही काम करती है। भविष्य में यह भी हो सकता है कि CBI नीतीश कुमार को गिरफ्तार भी कर ले। लालू प्रसाद यादव का जो हाल चारा घोटाला में हुआ, सृजन घोटाला में वही हाल नीतीश कुमार का भी हो सकता है। इसकी प्रबल संभावना है, अमिताभ दास ने शंका जताते हुए कहा कि इसमे नीतीश कुमार का भी हाथ हो सकता है।