सेवाशर्त की प्रति जला शिक्षकों ने किया जोरदार विरोध

नियमित शिक्षकों तरह हूबहू सेवाशर्त अविलंब लागू करने की मांग

चुनाव पूर्व राज्य कर्मी का दर्जा नहीं मिला तो नीतीश होंगे पूर्व मुख्यमंत्री
मोहम्मद शाहनवाज अता
हाजीपुर(वैशाली)बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति, जिला शाखा वैशाली ने सरकार के द्वारा लागू नई सेवा शर्त की प्रति को जला जोरदार विरोध किया है।शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नियमित शिक्षकों की तरह हूबहू नियोजित शिक्षकों के लिए सेवा शर्त लागू करने की मांग की।कार्यक्रम का नेतृत्व संयोजक राजेंद्र राय ने किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सह संयोजक नवनीत कुमार ने कहा बिहार सरकार नियोजित शिक्षकों का घोर विरोधी है।कोर्ट के दबाव,नई शिक्षा नीति,आगामी चुनाव और शिक्षकों के विरोध का डर इन्हें सता रही है।सरकार समाज में शिक्षकों के हितैषी बनने का ढोंग कर रही हैं।आगामी चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।महासचिव आलोक रंजन ने कहा सेवा शर्त में दिखने वाला हर लाभ आगामी समय में सरकार के कपट पूर्ण शर्तों के कारण शिक्षकों को अंश मात्र ही मिलेगा।शिक्षक संगठनों से बिना वार्ता के सेवा शर्त की घोषणा सरकार के दोहरे चरित्र को उजागर करती है। सचिव मंडल सदस्य पंकज कुशवाहा ने साफ- साफ शब्दों में कहा कि सरकार न्यायालय के दबाव में ईपीएफ और अनुकंपा की घोषणा तो की लेकिन 15% वृद्धि की घोषणा छलावा है।चुनाव के पूर्व राज्यकर्मी का दर्जा नहीं मिला तो शिक्षक हर हाल में नीतीश कुमार को पूर्व मुख्यमंत्री बना कर ही छोड़ेंगे।आज से अनवरत आंदोलन चलेगा।78 दिनों के हड़ताल की अवधि में शहीद हुए शिक्षकों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी।शिक्षक अपने हक की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाएंगे और सरकार के भ्रामक अश्वासन में नहीं फंसेंगे।कार्यक्रम में मधुरेंद्र भारतीय,शशि रंजन,रंजन कुमार,अमित कुमार, भूषण कुमार राय,सुनील कुमार,रविंद्र कुमार, दिनेश पासवान,मनोज कुमार राय,उत्पलकांत, रणजीत झा,संजीव कुमार सहित दर्जनों शिक्षक उपस्थित थे।

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