डीवीडीएमएस से सम्बंधित इनवेंटरी मैनेजमेंट के क्रियान्वयन के लिए कार्यशाला का हुआ आयोजन

प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

प्रखंडों को अनुपलब्ध साधनों के लिए मिलेगा प्रमाणपत्र

अररिया(बिहार)डीवीडीएमएस एवं ई-औषधि के वास्तविक मूल्यांकन एवं उपलब्धि के लिए पोर्टल पर नए अप्डेट्स की जानकारी के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना, बिहार के निर्देश के आलोक में ज़िले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, भण्डारपाल, प्रखंड अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सहायक और स्टोर से संबंधित डाटा एंट्री ऑपरेटरो का एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण शिविर का आयोजन सदर अस्पताल परिसर स्थित सभागार में किया गया. डीवीडीएमएस से सम्बंधित इनवेंटरी मैनेजमेंट एवं पोर्टल पर नए अप्डेट्स की जानकारी स्टेट रिसोर्स यूनिट के मुकुल भारद्वाज एवं डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स यूनिट के पर्णा चक्रबर्ती द्वारा संयुक्त रूप से दी गई.

दवा व उपकरण आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में आएगा सुधार :
केयर इंडिया के डिटीएल पर्णा चक्रबर्ती ने बताया जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों, उपस्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन प्रणाली में सुधार के लिए – DVDMS (ड्रग्स एंड वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम) नामक सॉफ्टवेयर है, जो केयर इंडिया और सीडीएसी द्वारा तकनीकी रूप से समर्थित है. यह देखा गया था कि इस सॉफ्टवेयर के बावजूद भी आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन प्रणाली में स्वास्थ्य केंद्रों को परेशानी का सामना किया जा रहा था। इसलिए अब इस सॉफ्टवेयर में उन्नत सुविधाएँ जोड़ी गयी हैं. ताकि आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन सुचारू रूप से हो सके. अब सभी अस्पतालों को दवाएँ व उपकरणों की समस्या से शीघ्र निजात मिल सकेगा और नियमित समय पर चीजें अस्पताल में उपलब्ध होगी।

अनुपलब्ध साधनों के लिए मिलेगा प्रमाणपत्र :
स्टेट रिसोर्स यूनिट के मुकुल भारद्वाज ने बताया पहले किसी भी दवा या उपकरणों की अनुपलब्धता की स्थिति में स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा स्थानीय स्तर पर उसकी खरीद कर ली जाती थी। पर अब यह नहीं हो सकेगा. अब दवाएँ या उपकरणों की अनुपलब्धता की स्थिति में बिहार मेडिकल सर्विस एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा अनुपलब्धता प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा. उसके बाद ही स्थानीय स्तर पर उसकी खरीददारी की जा सकेगी.

निश्चित समय में उपलब्ध रहेगी मांग :
डीवीडीएमएस सॉफ्टवेयर के अपडेट होने से अब प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों को कागजी प्रक्रिया से छुटकारा मिल सकेगा. अब स्वास्थ्य केंद्र प्रखंड से ही सॉफ्टवेयर के माध्यम से अपनी अगले तीन महीने की मांग भेज देगी. तय समय में ही प्रखंड में जरूरी मांग अनुरूप दवा या उपकरण उपलब्ध करा दिया जाएगा.

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